खेल मंत्रालय का बड़ा फैसला, टेबल टेनिस महासंघ की मान्यता रद्द; आईओए को एड हॉक कमेटी गठित करने का निर्देश

नई दिल्ली।  केंद्रीय खेल मंत्रालय ने सख्त रुख अपनाते हुए टेबल टेनिस फेडरेशन ऑफ इंडिया की मान्यता तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी है। इसके साथ ही मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ को खेल का कामकाज सुचारू रूप से चलाने और प्रशासनिक कमियों की गहन जांच के लिए तुरंत एक एड-हॉक (तदर्थ) कमेटी का गठन करने का कड़ा आदेश दिया है। सरकार की इस बड़ी कार्रवाई से पूरे खेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
चुनाव में देरी और नोटिस की अनदेखी पड़ी भारी
खेल मंत्रालय द्वारा की गई इस सख्त कार्रवाई के पीछे कई बड़ी वजहें बताई जा रही हैं। मंत्रालय के अनुसार, टीटीएफआई समय पर अपने चुनाव कराने में पूरी तरह से विफल रहा था, जो खेल नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसी साल की शुरुआत में सरकार ने महासंघ के कामकाज और प्रशासनिक खामियों को लेकर एक सख्त कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था। हालांकि, टीटीएफआई की तरफ से इस नोटिस का कोई संतोषजनक और स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद मंत्रालय को मान्यता रद्द करने जैसा कड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। आदेश में कहा गया है कि आईओए अब अंतरराष्ट्रीय संस्था से सलाह लेकर महासंघ की सभी कमियों को दूर करेगा।
मेघना अहलावत के हाथों में थी कमान, महीनों से चल रही थी उथल-पुथल
टेबल टेनिस महासंघ में पिछले काफी समय से भारी खींचतान और उथल-पुथल का दौर चल रहा था। वर्तमान में टीटीएफआई की कमान मेघना अहलावत के हाथों में थी, जो इसकी पहली महिला अध्यक्ष हैं। मेघना हरियाणा के कद्दावर नेता और विधायक दुष्यंत चौटाला की पत्नी हैं, और उन्होंने दिसंबर 2022 में महासंघ के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके कार्यकाल के दौरान ही इसी साल जनवरी में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाते हुए महासचिव और पूर्व दिग्गज खिलाड़ी कमलेश मेहता को सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि, मेहता ने इसके खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से उनके निलंबन को रद्द कर दिया गया था, जिससे महासंघ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
मनिका बत्रा विवाद ने किया आग में घी का काम
महासंघ के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई की पटकथा देश की स्टार टेबल टेनिस खिलाड़ी (पैडलर) मनिका बत्रा से जुड़े विवाद के बाद ही लिखी जाने लगी थी। दरअसल, टीटीएफआई ने एशियाई खेलों की टीम से मनिका बत्रा को अचानक बाहर का रास्ता दिखा दिया था, जिसके बाद यह संस्था गहरे विवादों में घिर गई थी। मनिका ने महासंघ के इस मनमाने फैसले की सार्वजनिक रूप से कड़ी आलोचना की और सीधे खेल मंत्रालय से मामले में दखल देने की मांग की थी। मंत्रालय ने इस भारी विवाद समेत टीटीएफआई को प्रभावित करने वाले सभी मुद्दों का कड़ा संज्ञान लिया और अंतत: जवाब से असंतुष्ट होकर महासंघ पर ताला जड़ दिया है।

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