नई दिल्ली। दिल्ली में BRICS समिट 2026 की शुरुआत कल शनिवार से हो रही है। इससे पहले आज शुक्रवार को BRICS बिजनेस फोरम में विदेश मंत्री एस। जयशंकर ने कहा कि यह दौर उथल-पुथल वाला दौर है। दुनिया में अस्थिरता और जटिलता अब आम बात हो गई है। राजनीतिक और आर्थिक स्तर में बड़े बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में भारत की अगुवाई में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप इकोसिस्टम को मजबूत करने की कोशिश की गई है। वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि वह BRICS के सदस्य देशों और पार्टनर देशों से अपील करते हैं कि वे अपने मार्केट खोलें और साथ मिलकर रेगुलेटरी प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में काम करें।
विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “हम ऐसे समय में मिल रहे हैं जब दुनिया की राजनीतिक और आर्थिक व्यवस्था में बड़े स्तर पर बदलाव हो रहे हैं। हमारे आस-पास की दुनिया में अस्थिरता, अनिश्चितता और जटिलता आम बात हो गई है। हम भू-राजनीतिक टकरावों, महामारियों और जलवायु से जुड़ी समस्याओं के आर्थिक असर देख रहे हैं।”
आज के आर्थिक माहौल में जोखिम और मौके दोनों हीः जयशंकर
“साथ ही, तेजी से हो रहे डिजिटलाइजेशन और तकनीकी तरक्की से विकास, उत्पादकता और तरक्की के नए रास्ते खुल रहे हैं। इसका नतीजा एक ऐसा आर्थिक माहौल है जहां जोखिम और मौके दोनों का ही विस्तार हो रहा है, और जहां पहले से अंदाजा लगाने, हालात के हिसाब से ढलने और प्रतिक्रिया देने की क्षमता अधिक अहम होती जा रही है।”
BRICS बिजनेस फोरम के उद्घाटन समारोह में विदेश मंत्री डॉ। जयशंकर ने कहा, “टेक्नोलॉजी हमेशा से इकोनॉमिक्स और जियोपॉलिटिक्स से जुड़ी रही है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग- ये सभी हम लोगों को बड़े अवसर देते हैं, लेकिन इनसे कुछ सवाल भी उठते हैं, जैसे एक्सेस, स्टैंडर्ड, सिक्योरिटी और भरोसे से जुड़े सवाल।”
दुनिया के लिए अपने मार्केट खोलें BRICS के देशः गोयल
उन्होंने आगे कहा, “ऐसे में भारत की अगुवाई में इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप इकोसिस्टम को मजबूत करने की कोशिश की गई है। इसमें सदस्य देशों के स्टार्टअप और इनक्यूबेटर को जोड़ने के लिए BRICS इनक्यूबेटर नेटवर्क और इनोवेशन-बेस्ड एंटरप्रेन्योरशिप को सपोर्ट करने के लिए BRICS स्टार्टअप इनोवेशन फंड भी शामिल हैं।”
इसी फोरम में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आपसी सहयोग की बात करते हुए कहा, “आज BRICS दुनिया के कुल व्यापार का करीब एक-चौथाई हिस्सा है। भारत, BRICS देशों के बीच होने वाले कुल व्यापार का एक अहम स्तंभ भी है। भारत से होने वाले मैन्युफैक्चर्ड एक्सपोर्ट में इंजीनियरिंग के सामान और इलेक्ट्रॉनिक्स का हिस्सा सबसे बड़ा है। भारत को दुनिया की ‘फार्मेसी’ भी कहा जाता है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम ब्रिक्स को इन और दूसरे ऐसे ढेरों प्रोडक्ट्स के लिए एक अहम मार्केट के तौर पर देखते हैं, जिन्हें भारत एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर दुनिया के हर कोने तक पहुंचाना चाहता है। मैं ब्रिक्स के सदस्य देशों और पार्टनर देशों से अपील करता हूं कि आप सभी लोग अपने मार्केट खोलें और साथ मिलकर रेगुलेटरी प्रक्रियाओं को आसान बनाने के साथ-साथ कंसाइनमेंट की तेजी से मंजूरी में मदद करने के लिए काम करें।”


