बंगाल में वोटिंग से पहले मिले 79 बम, गृह मंत्रालय ने एनआईए को सौंपी जांच की जिम्मेदारी

दक्षिण। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के भांगड़ इलाके में भारी मात्रा में कच्चे बम मिलने से पूरे राज्य में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता और राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी है। गृह मंत्रालय का निर्देश मिलते ही एनआईए ने मोर्चा संभाल लिया है और अब इस पूरे मामले की आतंकी एंगल से जांच शुरू कर दी गई है। ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला भांगौर डिवीजन के अंतर्गत उत्तर काशीपुर थाना क्षेत्र का है, जहां 25 अप्रैल 2026 को कोलकाता पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी।
कब्रिस्तान के पास छिपाकर रखे गए थे 79 बम
पुलिस को एक विश्वसनीय सूत्र से गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर इलाके में ताबड़तोड़ छापेमारी की गई। इस दौरान एक कब्रिस्तान के पास स्थित मकान से जूट की रस्सियों से बंधी 79 गोल आकार की वस्तुएं बरामद हुईं, जो पूरी तरह से कच्चे बम थे। इसके अलावा मौके से बम बनाने में इस्तेमाल होने वाली अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी भारी मात्रा में बरामद की गई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि अज्ञात अपराधियों ने किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के मकसद से इन विस्फोटकों को इस सुनसान जगह पर छिपाकर रखा था।
एनआईए ने दर्ज की नई एफआईआर, रची जा रही थी बड़ी साजिश
गृह मंत्रालय से हरी झंडी मिलने के बाद एनआईए ने 26 अप्रैल को इस मामले में नई एफआईआर दर्ज कर ली है। प्राथमिक जांच में इस बात के साफ संकेत मिले हैं कि यह विस्फोटकों का भंडारण किसी सुनियोजित आतंकी साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों के बीच दहशत फैलाना था। एनआईए अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि इन बमों को बनाने के पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है और इसकी फंडिंग कहां से हो रही थी। गौरतलब है कि मार्च 2026 में भी भांगड़ इलाके में हुए एक बम विस्फोट में एक व्यक्ति की जान जा चुकी है, जिसके कारण जांच एजेंसियों की चिंता और ज्यादा बढ़ गई है।
टीएमसी कार्यकर्ता के घर के पीछे फिर मिले जिंदा बम
इस खौफनाक बरामदगी के बीच भांगड़ विधानसभा क्षेत्र के चेलेगोयलिया इलाके से एक और सनसनीखेज खबर सामने आई है। यहां पुलिस ने एक टीएमसी कार्यकर्ता के घर के पीछे स्थित बगीचे में तलाशी अभियान के दौरान एक बैग से 9 जिंदा बम बरामद किए हैं। इस घटना के बाद से राजनीतिक माहौल भी पूरी तरह गरमा गया है। आईएसएफ ने टीएमसी पर इलाके में अशांति फैलाने के लिए बम जमा करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, टीएमसी ने पलटवार करते हुए इसे आईएसएफ की साजिश करार दिया है। फिलहाल इलाके में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती कर दी गई है और बम निरोधक दस्ता मामले को शांत करने में जुटा है।

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