ईरान से संघर्ष को ‘युद्ध’ नहीं मानता अमेरिका, वेंस बोले- हमले रुके तो होगी बातचीत

वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि वह इसे युद्ध नहीं मानते। उन्होंने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले यह संघर्ष खत्म होगा या नहीं।

व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान वेंस से जब पूछा गया कि ईरान के साथ संघर्ष कब समाप्त होगा, तो उन्होंने कहा, “मैं इसे युद्ध नहीं कहूंगा।” उन्होंने कहा कि असली सवाल यह है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले कब बंद करेगा। वेंस ने कहा कि इसका जवाब उन्हें नहीं पता और यह सवाल ईरान से पूछा जाना चाहिए।

वेंस ने स्पष्ट किया कि जब तक ईरान होर्मुज में जहाजों पर हमले बंद नहीं करता, तब तक अमेरिका उससे बातचीत नहीं करेगा। खास बात यह है कि संघर्ष शुरू होने के समय व्हाइट हाउस ने इसके कुछ ही हफ्तों में खत्म होने की बात कही थी।

शादी समारोह पर हमले की अमेरिका ने शुरू की जांच

इस बीच, ईरान में शादी समारोह के दौरान हुए एक घातक हमले को लेकर अमेरिका ने जांच शुरू कर दी है। रॉयटर्स के विश्लेषण में दावा किया गया है कि इस हमले में अमेरिकी हथियार के इस्तेमाल की संभावना हो सकती है।

वेंस ने कहा कि अमेरिका घटना की जांच कर रहा है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वास्तव में वहां क्या हुआ। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सेना से कोई गलती हुई है तो उससे सीख लेकर भविष्य में ऐसी गलती को सुधारने का प्रयास किया जाएगा।

यह घटना 1 सितंबर को ईरान के दक्षिणी इलाके में हुई थी। सिरिक काउंटी के कुहेस्तक गांव में एक घर में शादी समारोह चल रहा था, तभी जोरदार विस्फोट हुआ। ईरानी सरकारी टीवी के मुताबिक, गुरुवार को अस्पताल में 22 वर्षीय एक महिला की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई। अधिकारियों के अनुसार करीब 70 लोग घायल हुए हैं।

हथियार विशेषज्ञों के विश्लेषण में क्या सामने आया?

रॉयटर्स ने घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरों की चार सैन्य हथियार विशेषज्ञों से जांच कराई। विशेषज्ञों के मुताबिक, इमारत को हुआ नुकसान किसी हथियार के सीधे वार जैसा दिखाई देता है। यह किसी दूसरे लक्ष्य से टकराने के बाद हथियार के रास्ता बदलने यानी रिकॉशे जैसा नहीं लगता।

चार में से तीन विशेषज्ञों ने कहा कि इस्तेमाल किया गया हथियार संभवतः अमेरिकी था, न कि ईरानी एयर डिफेंस से भटका हुआ मिसाइल। एक विशेषज्ञ ने संभावना जताई कि हथियार अपने वास्तविक लक्ष्य से चूक गया हो।

अमेरिकी सेना ने कहा कि उसे ईरान की रिपोर्टों की जानकारी है, लेकिन अमेरिकी सेना नागरिकों को निशाना नहीं बनाती। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, जांच में अमेरिकी हमला, ईरानी एयर डिफेंस मिसाइल का रिकॉशे या किसी इंटरसेप्टर के रास्ते से भटकने जैसी कई संभावनाओं को देखा जा रहा है।

यह घटना उस हमले के करीब छह महीने बाद हुई है, जिसमें ईरान के मुताबिक एक मिसाइल ने एक प्राथमिक स्कूल को तबाह कर दिया था और 175 से ज्यादा बच्चों व शिक्षकों की मौत हुई थी। रॉयटर्स की पिछली रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना की शुरुआती आंतरिक जांच में उस हमले के लिए अमेरिकी सेना को जिम्मेदार माना गया था। हालांकि, पेंटागन ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है।

अमेरिकी हमले के बाद बढ़ी तेल की कीमत

मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के तट के पास सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। अमेरिका ने इसे होर्मुज स्ट्रेट में ईरान द्वारा जहाजों पर किए जा रहे हमलों की जवाबी कार्रवाई बताया।

हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। गुरुवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 96 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई।

ईरान ने अमेरिकी हमलों में 18 लोगों के मारे जाने की बात कही है। इसके जवाब में ईरान ने इराक, जॉर्डन, कतर, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। कुवैत ने बताया कि उसकी एयर डिफेंस ने कई मिसाइलों और ड्रोन को रोक दिया।

हालांकि, गुरुवार को दोनों पक्षों की ओर से कोई बड़ा हमला नहीं हुआ। इससे जुलाई के बाद बढ़ा तनाव कुछ कम होता दिखाई दिया।

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