सहारनपुर के पीएनबी करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद, बैंक प्रबंधक गिरफ्तार

सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली नोट बरामद होने के बाद हड़कंप मच गया है। सोफिया बाजार स्थित बैंक के करेंसी चेस्ट से 500 रुपये के नकली नोटों के 340 बंडल मिलने के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जांच अपने हाथ में ले ली है। जांच एजेंसी ने फरार चल रहे बैंक प्रबंधक अमित कुमार को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया है।
मामला 29 अगस्त को उस समय सामने आया, जब सदर बाजार थाना पुलिस को पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट में नकली नोट रखे होने की सूचना मिली। पुलिस ने जांच की तो वहां 500 रुपये के मूल्यवर्ग के 340 बंडल नकली नोट मिले। इनकी कुल कीमत करीब 17.29 करोड़ रुपये बताई गई है। बरामद नोटों में कुछ नए और कुछ पुराने नोट शामिल थे।
इसके बाद सदर बाजार थाने में प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।
प्रारंभिक जांच में बैंक के तीन कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई। बैंक ने तीनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। सदर बाजार थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 178 के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
जिन कर्मचारियों की भूमिका जांच के घेरे में है, उनमें वरिष्ठ मंडल प्रबंधक कार्यालय से जुड़े रवि कुमार कांसे, करेंसी चेस्ट प्रबंधक सुशील कुमार और जगाधरी करेंसी चेस्ट प्रबंधक अमित कुमार शामिल हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने जांच अपने हाथ में ले ली। जांच के दौरान अमित कुमार का नाम प्रमुख आरोपी के तौर पर सामने आया। इसके बाद उनकी तलाश तेज कर दी गई। एनआईए ने उन्हें चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है।
इससे पहले पुलिस को आशंका थी कि आरोपी नेपाल भाग सकते हैं। इसके चलते आरोपियों के खिलाफ तलाश संबंधी नोटिस जारी किए गए थे।
जांचकर्ताओं की नजर सहारनपुर से भारतीय रिजर्व बैंक के जयपुर कार्यालय भेजी गई एक बड़ी नकदी खेप पर भी है। रिपोर्ट के अनुसार, 6 जुलाई को करेंसी प्रबंधन नेटवर्क के जरिए सहारनपुर से जयपुर 111 करोड़ रुपये भेजे गए थे।
बताया गया है कि इस खेप में 500 रुपये के नोटों के 1,900 बंडल और 200 रुपये के नोटों के 800 बंडल शामिल थे। जांचकर्ता अब इस पूरी खेप की पैकिंग, तैयार करने और भेजने की प्रक्रिया की पड़ताल कर रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, इस खेप की जिम्मेदारी एक अंशकालिक सफाई कर्मचारी को भी दी गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी रकम की नकदी के प्रबंधन और प्रेषण में किन-किन लोगों की भूमिका रही थी।
जांचकर्ताओं को मामले में संभावित सीमा पार संबंध होने का भी संदेह है। पुलिस आरोपियों के संपर्कों और गतिविधियों की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों का नेपाल सीमा के आसपास सक्रिय किसी व्यक्ति या गिरोह से कोई संपर्क था या नहीं।
हालांकि, अभी तक नेपाल से संबंध होने का कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है। जांच एजेंसियां इस पहलू की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं।
विशेष जांच दल और अपराध शाखा ने तीनों संदिग्ध बैंक कर्मचारियों के आवासों पर तलाशी भी ली थी। इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए। इनसे नकली नोटों की बरामदगी और बैंक में नकदी के लेन-देन से जुड़े सुराग मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल एनआईए बैंक कर्मचारियों की भूमिका, नकली नोटों के स्रोत, करेंसी चेस्ट में उनके पहुंचने और 111 करोड़ रुपये की नकदी खेप से संभावित संबंध की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।