दिल्ली की वोटर लिस्ट में राघव चड्ढा का नाम जुड़ा, AAP ने उठाए सवाल, चुनाव आयोग ने दी सफाई

नई दिल्ली, एजेंसी। बीजेपी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल किए जाने को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) ने सवाल उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना उनका नाम दिल्ली के राजिंदर नगर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में जोड़ा गया। AAP ने चुनाव आयोग से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है।

AAP नेताओं ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में संबंधित मतदान केंद्र पर 746 मतदाता थे, जबकि बाद में राघव चड्ढा का नाम अतिरिक्त मतदाता के तौर पर दिखाई दिया। पार्टी ने सवाल किया कि ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद उनका नाम किस नियम और प्रक्रिया के तहत जोड़ा गया।

पंजाब की वोटर लिस्ट से नाम हटने के बाद दिल्ली में एंट्री

राघव चड्ढा पहले पंजाब की मतदाता सूची में पंजीकृत थे। कुछ दिन पहले पंजाब की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में उनका नाम हटाकर उसके सामने ‘शिफ्टेड’ लिखा गया था। इस पर चड्ढा ने पंजाब की AAP सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई करने का आरोप लगाया था।

अब दिल्ली की वोटर लिस्ट में उनका नाम शामिल होने के बाद AAP ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 31 अगस्त के ड्राफ्ट रोल में 746 मतदाता थे, लेकिन बाद में राघव चड्ढा का नाम अतिरिक्त मतदाता के रूप में जुड़ गया। उन्होंने चुनाव आयोग से नाम जोड़ने की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग की।

चुनाव अधिकारियों ने क्या कहा?

चुनाव अधिकारियों ने AAP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राघव चड्ढा का नाम निर्धारित प्रक्रिया के तहत फॉर्म-6 के स्वीकृत आवेदन के आधार पर दिल्ली की मतदाता सूची में शामिल किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, पंजाब की वोटर लिस्ट से उनका नाम हटाए जाने के बाद दिल्ली में उनके नाम को शामिल करने का आवेदन स्वीकृत हुआ है।

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि मंगलवार तक दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए कुल 700 फॉर्म-6 को मंजूरी दी जा चुकी थी। राघव चड्ढा का आवेदन भी इन्हीं स्वीकृत आवेदनों में शामिल है।

4 नवंबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची

अधिकारी के अनुसार, SIR की प्रक्रिया के लिए दिल्ली की वोटर लिस्ट को 16 जून को फ्रीज किया गया था और 31 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई। इस दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए करीब 2.14 लाख फॉर्म-6 जमा किए गए थे।

इसके अलावा, दावे और आपत्तियों की अवधि के दौरान 7 सितंबर तक 25,011 और फॉर्म-6 जमा किए गए हैं। इन आवेदनों पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन का काम किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 4 नवंबर को प्रकाशित होने की उम्मीद है।

AAP ने लगाया ‘फर्जीवाड़े’ का आरोप

AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की प्रक्रिया का इस्तेमाल कर राघव चड्ढा को दिल्ली का वोटर बनाया गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या उनका वोट पंजाब से दिल्ली ट्रांसफर हुआ है और क्या उनका EPIC नंबर वही है जो पंजाब की वोटर लिस्ट में दर्ज था।

ढांडा ने यह भी दावा किया कि 3 सितंबर को राघव चड्ढा ने खुद कहा था कि उनका वोट पंजाब के मोहाली में पंजीकृत था और ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से उनका नाम हटाकर ‘शिफ्टेड’ दिखाया गया है।

SIR प्रक्रिया पर AAP का हमला

अनुराग ढांडा ने SIR प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बीजेपी पर चुनाव आयोग के जरिए राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया और कहा कि इस पूरी प्रक्रिया से लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंच सकता है।

AAP ने चुनाव आयोग से राघव चड्ढा के नाम को दिल्ली की वोटर लिस्ट में शामिल किए जाने की पूरी प्रक्रिया, आवेदन और स्थानांतरण से जुड़ी जानकारी स्पष्ट करने की मांग की है।