मणिपुर में दो कुकी महिलाओं की हत्या के बाद तनाव, रातभर गोलीबारी; दो घर जले, CRPF तैनात

इंफाल, एजेंसी। मणिपुर के तमेंगलोंग जिले के लेइसंगफाई में दो कुकी महिलाओं की गोली मारकर हत्या के कुछ घंटों बाद कांगपोकपी जिले के एक पहाड़ी गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला कर दिया। इस दौरान सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच करीब छह घंटे तक रुक-रुककर गोलीबारी हुई। घटना में गांव की सीमा पर बने दो लकड़ी के घर जल गए। स्थिति को देखते हुए इलाके में सीआरपीएफ की तैनाती की गई है।

एक अधिकारी के मुताबिक, आधुनिक हथियारों से लैस बड़ी संख्या में संदिग्ध उग्रवादियों ने मंगलवार रात करीब 10:30 बजे चावांगकिनिंग नागा गांव पर हमला किया। पास के इलाके में तैनात सीआरपीएफ जवानों ने जवाबी कार्रवाई की और उग्रवादियों को गांव में प्रवेश करने से रोक दिया।

अधिकारी ने बताया कि गोलीबारी बुधवार सुबह करीब 4:30 बजे तक रुक-रुककर जारी रही। करीब छह घंटे तक चली इस मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ ने लगातार जवाबी फायरिंग की। हालांकि, गांव की सीमा पर बने लकड़ी के दो मकान आग की चपेट में आ गए।

ग्रामीण ने बताया, रातभर जारी रही गोलीबारी

गांव के निवासी डेनियल चारेनामाई ने बताया कि मंगलवार रात करीब 10:30 बजे गांव पर हमला हुआ और सुबह करीब 4 बजे तक गोलीबारी होती रही। उन्होंने कहा कि गांव में तैनात सीआरपीएफ जवानों की जवाबी कार्रवाई के कारण उग्रवादी गांव पर कब्जा नहीं कर सके।

वरिष्ठ नागा नेता ने हमले की निंदा की

वरिष्ठ नागा नेता और नागा पीपल्स फ्रंट के विधायक अवांगबोउ न्यूमाई ने चावांगकिनिंग में दो महिलाओं की हत्या और घरों को जलाए जाने की निंदा की। उन्होंने एक बयान में कहा कि इस तरह की बर्बर और निरर्थक घटनाएं किसी भी समुदाय के लिए कभी कुछ अच्छा नहीं ला सकतीं।

वहीं, कांगपोकपी जिले के साइकुल निर्वाचन क्षेत्र की कुकी विधायक ने भी दोनों महिलाओं की हत्या की निंदा की। उन्होंने बताया कि पीड़ितों में से एक महिला ने हाल ही में नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की थी।

विधायक ने हत्या में एनएससीएन-आईएम और जुफ-के के सदस्यों की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए कहा कि निर्दोष महिलाओं की हत्या पूरी तरह बर्बरतापूर्ण कृत्य है और इसे किसी भी राजनीतिक मकसद, विचारधारा या शिकायत के आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता।