पाकिस्तान के नए चीफ जस्टिस बने याह्या अफरीदी, नियम तोड़कर हुई नियुक्ति

इस्लामाबाद, एजेंसी। पाकिस्तान की विशेष संसदीय कमेटी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के नए चीफ जस्टिस को चुन लिया है। कमेटी ने लंबी चली बैठक के बाद तीन सबसे वरिष्ठ न्यायाधीशों में अगले चीफ जस्टिस के रूप में याह्या अफरीदी को नामित किया है।
पाक के कानून मंत्री आजम नजीर तरार ने मीडिया को बताया कि अफरीदी के नाम को कमेटी की दो-तिहाई बहुमत के साथ प्रधानमंत्री के पास भेजा गया है। अफरीदी का चयन हाल ही में हुए 26 वें संविधान संशोधन के तहत किया गया है, इस संशोधन ने न्यायपालिका में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। जिसमें मुख्य न्यायाधीश के चयन के लिए एक विशेष संसदीय समिति (SPC) की स्थापना शामिल है।
विशेष संसदीय समिति (SPC) की स्थापना से पहले वरिष्ठता के आधार पर चीफ जस्टिस का चयन होता था। याह्या अफरीदी के साथ न्यायाधीश न्यायमूर्ति मंसूर अली शाह और न्यायमूर्ति मुनीब अख्तर भी इस दौड़ में शामिल थे। पाकिस्तान के चीफ जस्टिस काजी फैज ईसा 25 अक्टूबर को शीर्ष न्यायाधीश से रिटायर होने वाले हैं। न्यायमूर्ति शाह को पहले वरिष्ठता सिद्धांत के तहत अगला CJP बनाया जाना था।
प्रधानमंत्री को भेजा गया नामांकन
न्यायमूर्ति अफरीदी का नामांकन अगर प्रधानमंत्री की ओर से मंजूर किया जाता है, तो वे पाकिस्तान के 30वें चीफ जस्टिस बन जाएंगे। उन्हें जून 2018 में सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत किया गया था। उन्होंने दिसंबर 2016 में पेशावर हाई कोर्ट (PHC) के सबसे कम उम्र के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी।
सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल ने किया था बहिष्कार
डॉन की खबर के मुताबिक संसदीय पैनल की पहली बैठक संसद भवन के बंद कमरे में हुई, जिसमें सरकार और विपक्ष दोनों के सदस्य शामिल थे। हालांकि, विपक्षी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) समर्थित सुन्नी इत्तेहाद काउंसिल के सदस्यों ने पहली बैठक का बहिष्कार किया था। जिसकी वजह से दूसरी बैठक बुलाई गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here