भारत के जॉब मार्केट में 2026 की दूसरी छमाही में रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है। नौकरी डॉट कॉम के हायरिंग आउटलुक सर्वे 2026 के अनुसार, कंपनियां इस दौरान लगातार नई भर्तियां कर सकती हैं। रियल एस्टेट, FMCG और आईटी सेक्टर में रोजगार के सबसे ज्यादा अवसर बनने की संभावना जताई गई है।
सर्वे में रियल एस्टेट क्षेत्र के 86 फीसदी HR लीडर्स ने नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद जताई। FMCG सेक्टर 85 फीसदी के साथ दूसरे और आईटी 83 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर रहा। खास बात यह है कि आईटी सेक्टर में हायरिंग की उम्मीद पहली छमाही के 79 फीसदी से बढ़कर 83 फीसदी हो गई है।
बिजनेस डेवलपमेंट और टेक भूमिकाओं की मांग
भर्ती के मामले में बिजनेस डेवलपमेंट, मार्केटिंग और नई तकनीकों से जुड़ी भूमिकाओं की मांग मजबूत रहने का अनुमान है। कंपनियां ऐसे कर्मचारियों को प्राथमिकता दे रही हैं, जिनके पास बदलती तकनीक के अनुरूप नए और उपयोगी कौशल मौजूद हों।
GCC के विस्तार से बढ़ रही चुनौती
CII की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) की संख्या और उनके काम का दायरा लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, इन कंपनियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही योग्यता और कौशल वाले उम्मीदवारों की तलाश बनी हुई है।
GCC बहुराष्ट्रीय कंपनियों के ऐसे केंद्र होते हैं, जहां तकनीक, रिसर्च और अन्य महत्वपूर्ण वैश्विक कार्यों को संभाला जाता है।
AI से फिलहाल बड़े पैमाने पर छंटनी का खतरा नहीं
सर्वे में AI को लेकर भी सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। 86 फीसदी HR लीडर्स का मानना है कि निकट भविष्य में AI के कारण बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की संभावना नहीं है।
वहीं, करीब 20 फीसदी HR लीडर्स का मानना है कि AI खासकर IT और BFSI सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा कर सकता है। मार्केटिंग और एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में AI से जुड़ी भूमिकाओं की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
सही कौशल वाले उम्मीदवारों की कमी बड़ी चुनौती
कंपनियों के सामने सबसे बड़ी समस्या योग्य और सही कौशल वाले उम्मीदवारों की कमी है। 31 फीसदी HR लीडर्स ने इसे प्रमुख चुनौती बताया। तेजी से बदलती तकनीक के कारण नए कौशल की मांग बढ़ रही है, जबकि कुछ पुराने कौशल की उपयोगिता कम हो रही है।
ऐसे में नौकरी चाहने वालों के लिए लगातार अपस्किलिंग और नए कौशल सीखना रोजगार के बेहतर अवसर हासिल करने की कुंजी बन सकता है।

