ट्रंप का अकाउंट बंद करना फेसबुक के मालिक जुकरबर्ग को भारी पड़ा, 216 करोड़ रुपये में छूटा पीछा

वॉशिंगटन, एजेंसी। मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पंगा लेना बहुत महंगा पड़ा है. मेटा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 2021 में दायर मुकदमे का निपटारा करने के लिए 25 मिलियन डॉलर का भुगतान करेगी, जिसमें ट्रंप ने दावा किया था कि US कैपिटल दंगे के बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम की ओर से उन्हें गलत तरीके से सेंसर किया गया था।
अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने इस निपटारे की जानकारी दी है, रिपोर्ट में इसे ट्रंप की जीत के तौर पर दिखाया गया है। समझौते से जुड़े लोगों के मुताबिक भुगतान का 22 मिलियन डॉलर ट्रंप की भावी राष्ट्रपति लाइब्रेरी के वित्तपोषण में जाएगा, जबकि बचा अमाउंट मामले में अन्य वादी की कानूनी फीस और भुगतान को कवर करेगा।
जुकरबर्ग से हुई दोस्ती
6 जनवरी, 2021 को ट्रंप समर्थकों द्वारा किए गए हंगामे के बाद उनके सोशल मीडिया अकाउंट को सस्पेंड कर दिया गया था। जिसके बाद ट्रंप ने अकाउंट सस्पेंड करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की खूब आलोचना की थी, लेकिन हाल ही में जुकरबर्ग और एक्स के मालिक एलन मस्क सहित कई टेक दिग्गजों ने ट्रंप से हाथ मिलाया है। मार्क जकरबर्ग पिछले हफ्ते वाशिंगटन में ट्रंप के राष्ट्रपति पद के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए थे।
चुनाव में जुकरबर्ग ने किया था ट्रंप का समर्थन
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान एलन मस्क के साथ-साथ मेटा मालिक जुकरबर्ग ने भी ट्रंप को समर्थन दिया था। ट्रंप ने अपने कार्यकाल के दौरान अमेरिकी कंपनियों को आगे बढ़ाने के लिए कई वादे किए हैं, जिसके बाद से ज्यादातर कारोबारी ट्रंप के समर्थन में आ गए थे।ट्रंप को भुगतान करने वाली मेटा पहली कंपनी नहीं है, दिसंबर में ABC न्यूज ने ट्रंप की ओर से दायर मानहानि के मुकदमे को निपटाने के लिए 15 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई थी। ये मुकदमा चैनल के शीर्ष एंकर द्वारा ट्रंप के बारे में की गई टिप्पणियों पर किया गया था।

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