‘एकनाथ शिंदे पहले कांग्रेस में शामिल होना चाहते थे’, संजय राउत का बड़ा दावा

मुंबई, एजेंसी। शिवसेना उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने शनिवार को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लेकर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे पहले कांग्रेस में शामिल होना चाहते थे। हालांकि, राउत ने उस साल या महीने का जिक्र नहीं किया, जब एकनाथ शिंदे ने पाला बदलने की योजना बनाई थी। उन्होंने दिवंगत कांग्रेस नेता अहमद पटेल का हवाला दिया। दरअसल, शिंदे ने जून 2022 में शिवसेना को दोफाड़ कर दिया था और भाजपा के साथ हाथ मिलाकर महा विकास अघाड़ी सरकार गिरा दी थी।
संजय राउत ने संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे पता है कि क्या चल रहा था। अहमद पटेल अब नहीं रहे और इसलिए मैं और कुछ नहीं कहना चाहता, क्योंकि वह इस बात को पुख्ता करने के लिए मौजूद नहीं हैं।’ 25 नवंबर, 2020 को अहमद पटेल का निधन हो गया था। जब इस बारे में और पूछा गया तो राउत ने कहा, ‘इस बारे में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से पूछें। जब पीटीआई ने उनकी प्रतिक्रिया के लिए संपर्क किया तो चव्हाण ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। शिंदे की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
नाना पटोले के दावे ने मचा दी थी हलचल
महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार (एनसीपी) को मुख्यमंत्री के रोटेशनल पद के वादे के साथ विपक्षी गठबंधन में शामिल होने के अपने प्रस्ताव से हलचल मचा दी थी। उन्होंने होली समारोह के दौरान ये टिप्पणियां कीं। जब उनसे प्रतिक्रिया मांगी गई तो राउत ने कहा कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। मैं निःशब्द हूं।
‘राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं’
उन्होंने कहा, ‘मैं सिर्फ इतना कह सकता हूं कि राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है।’ राउत ने कहा कि किसी ने भी नहीं सोचा था कि 2019 में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) का गठन होगा या 2022 में (शिंदे के नेतृत्व में) एक असंवैधानिक सरकार सत्ता में आएगी या 2024 में देवेंद्र फडणवीस को पूर्ण बहुमत मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिंदे का बालासाहेब ठाकरे के भगवा झंडे से कोई लेना-देना नहीं है।

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