चित्रकूट। उत्तर प्रदेश बाढ़ का असर 26 जिलों तक पहुंच गया है। करीब 3.53 लाख लोग प्रभावित हैं। राहत एवं बचाव अभियान के तहत अब तक 17,544 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है, जबकि 4,847 लोग बाढ़ शरणालयों में रह रहे हैं। प्रदेश में 1,312 बाढ़ शरणालय बनाए गए हैं।
चित्रकूट में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर 29 अगस्त को 135.20 मीटर के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद अब घटकर 128 मीटर हो गया है। जलस्तर कम होने के बावजूद प्रशासन प्रभावित इलाकों में निगरानी बनाए हुए है। जिले में 688 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ से अब तक किसी जन या पशुहानि की सूचना नहीं है। अभियान में एनडीआरएफ के 30 और एसडीआरएफ के 27 जवान तैनात हैं।
36 गांवों में पहुंची राहत
मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ने से कर्वी के रामघाट समेत 19 गांव, राजापुर के सात और मानिकपुर के 10 गांव प्रभावित हुए। इन 36 गांवों के 13,906 लोगों तक भोजन, राहत सामग्री और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। प्रशासन ने कुल 28,803 लंच पैकेट और 2,065 राहत किट वितरित की हैं। जिले में 18 बाढ़ शरणालय भी सक्रिय हैं।
मकान क्षति पर 8.72 लाख रुपये की मदद
बाढ़ से 653 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें 188 परिवारों के खातों में 7.52 लाख रुपये की सहायता भेजी जा चुकी है। पूरी तरह क्षतिग्रस्त एक मकान के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता दी गई है। बाकी मामलों में भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 28 मेडिकल टीमें एंबुलेंस और दवाओं के साथ तैनात हैं। फसल क्षति का आकलन करने के लिए सर्वे भी कराया जा रहा है।
टापू पर फंसे 12 चरवाहे और 2 हजार से अधिक भेड़ें बचाईं
गाजीपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से डूहिया सरैया के पास नदी के टापू पर फंसे 12 चरवाहों और दो हजार से अधिक भेड़ों को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने सुरक्षित निकाल लिया। करीब छह घंटे चले अभियान में नाइट विजन ड्रोन की मदद से उनकी लोकेशन पता की गई। इसके बाद पीएसी, पुलिस, प्रशासन और स्थानीय नाविकों ने मिलकर रेस्क्यू अभियान पूरा किया।
1,697 नाव-मोटरबोट और 1,068 मेडिकल टीमें सक्रिय
प्रदेश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 1,634 बाढ़ चौकियां, 1,697 नाव-मोटरबोट और 1,068 मेडिकल टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। अब तक 72,897 खाद्यान्न पैकेट और 3,67,551 लंच पैकेट बांटे जा चुके हैं। पशुओं के लिए पांच हजार क्विंटल से अधिक भूसा उपलब्ध कराया गया है। वहीं, 5.52 लाख से अधिक क्लोरीन टैबलेट और 1.87 लाख से ज्यादा ओआरएस पैकेट वितरित किए गए हैं।
बाढ़ से 45 हजार से अधिक पशु प्रभावित हुए हैं, लेकिन अब तक किसी पशु की मौत की सूचना नहीं है।
ये जिले बाढ़ से प्रभावित
अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बदायूं, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, चंदौली, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोंडा, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कानपुर, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, रायबरेली, रामपुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी।

