लेटेस्ट न्यूज़
19 Aug 2026, Wed

लखनऊ में ट्रेनिंग पार्टनर्स की समस्याओं पर मंत्री कपिल देव ने दिया समाधान का भरोसा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मुख्यालय में मंगलवार को प्रशिक्षण प्रदाताओं (ट्रेनिंग पार्टनर्स) की समस्याओं को लेकर बैठक हुई। प्रदेशभर से पहुंचे ट्रेनिंग पार्टनर्स ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल के सामने रखा। इस दौरान अपनी मांगों को लेकर प्रशिक्षण प्रदाताओं ने नारेबाजी भी की।
ट्रेनिंग पार्टनर्स का आरोप है कि उनकी कई जायज मांगों पर अधिकारियों की ओर से लंबे समय से सुनवाई नहीं हो रही है। भुगतान में देरी, लक्ष्य निर्धारण में अनियमितता और प्रशिक्षित युवाओं की परीक्षाएं नहीं होने जैसी समस्याओं के कारण प्रशिक्षण प्रदाताओं को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि कई लोग कर्ज के बोझ में दब चुके हैं और बार-बार शिकायत के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।
ट्रेनिंग पार्टनर अभय सिंह ने बताया कि उनकी प्रमुख मांग भुगतान से संबंधित गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि कई वर्षों से भुगतान लंबित है। इसके अलावा प्रशिक्षण पूरा कर चुके युवाओं की समय पर परीक्षा नहीं होने से उनका प्लेसमेंट भी प्रभावित हो रहा है। प्रशिक्षण प्रदाताओं ने मांग की कि लंबित भुगतानों को जल्द जारी किया जाए और परीक्षा एवं प्लेसमेंट की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी कराई जाए। बैठक में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने प्रशिक्षण प्रदाताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि उचित मांगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और समस्याओं का समयबद्ध तरीके से समाधान कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि कौशल विकास सरकार की प्राथमिकता वाला विभाग है और कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
इस दौरान प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम और निदेशक पुलकित खरे ने भी ट्रेनिंग पार्टनर्स से वार्ता की। ट्रेनिंग पार्टनर्स एसोसिएशन की ओर से अभय सिंह, अमित, मोनिश, कार्तिकेय, त्रिगंत, रेहान, कमल रामलानी, कौशिक सक्सेना, विक्रम भट्ट, लवलेश श्रीवास्तव, विकास माहेश्वरी, राजेश कुमार तिवारी, वरुणेश द्विवेदी, प्रियांक गुप्ता, अरुण एरी, शनी राय और विवेक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
ट्रेनिंग पार्टनर्स की प्रमुख मांगें
लक्ष्यपूर्ति की तरह भुगतान की भी हर महीने समीक्षा की जाए।
अनुबंध और निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार समय पर भुगतान किया जाए।
सभी भुगतान किस्तों को एक-दूसरे से स्वतंत्र किया जाए, ताकि पात्र प्रशिक्षण प्रदाता सभी किस्तों के बिल एक साथ पोर्टल पर भेज सकें।
जिन किस्तों के भुगतान के लिए प्रशिक्षण प्रदाता पात्र हैं, उनका भुगतान एक साथ किया जाए।
पिछले तीन वर्षों से लंबित चौथी भुगतान किस्त का प्रारूप UPSDM पोर्टल पर तत्काल तैयार किया जाए।
यूनिफॉर्म वितरण से संबंधित भुगतान 30 दिनों के भीतर किया जाए।
सीडीओ अनुमोदन की प्रक्रिया अधिकतम सात दिनों में पूरी की जाए।
प्रशिक्षण पूरा होने के सात दिन के भीतर मूल्यांकन कराने की जिम्मेदारी मिशन की हो।
टीपी द्वारा अपलोड किए गए प्लेसमेंट डेटा का सत्यापन 30 दिनों के भीतर किया जाए।
जमा बैंक गारंटी की धनराशि जल्द वापस की जाए।
वर्ष 2017 से लंबित बैचों की परीक्षाएं तत्काल कराई जाएं।
सभी प्रशिक्षण केंद्रों का बकाया भुगतान एक सप्ताह के भीतर जारी किया जाए।
एकतरफा तरीके से डिबार या ब्लैकलिस्ट किए गए प्रशिक्षण प्रदाताओं की स्थिति की समीक्षा कर उन्हें बहाल किया जाए।
समाधान दिवस पर मिशन निदेशक स्वयं प्रशिक्षण प्रदाताओं की समस्याएं सुनें।

By Aryavartkranti Bureau

आर्यावर्तक्रांति दैनिक हिंदी समाचार निष्पक्ष पत्रकारिता, सामाजिक सेवा, शिक्षा और कल्याण के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने की प्रेरणा और सकारात्मकता का प्रतीक हैं।