मोदी ने पहले पुतिन को 2100 साल पुरानी किताब भेंट की

नई दिल्ली, एजेंसी। दिल्ली के भारत मंडपम में आ ऐतिहासिक तस्वीर नजर आई। पीएम नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन गले मिले। इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन को संत तिरुवल्लुवर की तमिल किताब का रूसी अनुवाद भेंट किया और कहा कि ये जनता से जनता के जुड़ने की किताब है, जिसमें मानव जीवन के बारे में लिखा है, ये किताब हमारे संबंधों को और बढ़ाने के लिए है। उन्होंने पुतिन से कहा कि आपके लिए रूसी भाषा में इसका अनुवाद कराया है। पुतिन ने किताब पाकर पीएम मोदी को थैंक्यू कहा। किताब गिफ्ट करने के बाद पीएम मोदी और पुतिन के बीच जंग रुकवाने और व्यापार बढ़ाने पर चर्चा शुरू हुई।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने और द्विपक्षीय व्यापार, निवेश एवं ऊर्जा सहयोग बढ़ाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत करने के लिए तीन दिवसीय भारत यात्रा पर शुक्रवार को यहां पहुंचे। पुतिन के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी दिल्ली आया है। फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार होगा जब पुतिन रूस के बाहर आयोजित किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में खुद भाग लेंगे।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने मंगलवार को कहा था कि दोनों पक्ष ब्रह्मोस मिसाइल को उन्नत करने की संभावनाओं पर भी विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि रूस भारत को शेष एस-400 सिस्टम देने के लिए प्रतिबद्ध है और सुखोई- 57 लड़ाकू विमानों की प्रस्तावित आपूर्ति को लेकर भी बातचीत जारी है।
SCO शिखर सम्मेलन के दौरान भी मिले थे मोदी-पुतिन
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने इससे पहले पिछले हफ्ते बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन से इतर मुलाकात की थी। इस दौरान पीएम मोदी ने यूक्रेन संघर्ष तत्काल खत्म किए जाने का आह्वान किया था और पुतिन से अंतहीन युद्ध से युद्ध के अंत की ओर बढ़ने का आग्रह किया था।
ईरानी राष्ट्रपति से भी मिलेंगे PM मोदी
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के अलावा ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन भी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने और भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने और दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने पर पीएम मोदी के साथ बातचीत के लिए शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद पेजेशकियन की यह पहली भारत यात्रा है। उनकी यात्रा ऐसे समय हो रही है जब अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ नए आर्थिक दंड कदम उठाए जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है। ।ईरानी राष्ट्रपति पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। पेजेश्कियान ने दिल्ली रवाना होने से पहले कहा था कि ब्रिक्स समूह के सदस्य देशों को अपनी आर्थिक मजबूती बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा था कि ब्रिक्स का नया बैंक डॉलर पर देशों की निर्भरता कम करने और अमेरिका के वर्चस्व कायम करने के प्रयासों का मुकाबला करने के लिए बनाया गया था।