लखनऊ। देश में चीनी की बढ़ती कीमतों को लेकर जारी चिंता के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि राज्य में चीनी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि यूपी के पास फिलहाल करीब 28 लाख टन चीनी का स्टॉक मौजूद है, जो प्रदेश की लगभग सात महीने की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त है।
लखनऊ में 3,446 प्राविधिक सहायकों और 126 मंडी सचिवों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि देश में चीनी संकट की चर्चा हो रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश में ऐसी कोई स्थिति नहीं है।
15 अक्टूबर से फिर शुरू होंगी चीनी मिलें
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में एक महीने में करीब 4 लाख टन चीनी की खपत होती है। इसके मुकाबले राज्य के पास 28 लाख टन का स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर से चीनी मिलों का नया पेराई सत्र शुरू होगा, जिसके बाद प्रदेश में बड़े पैमाने पर चीनी का उत्पादन किया जाएगा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी के पास इतनी क्षमता है कि वह सिर्फ प्रदेश की 25 करोड़ आबादी की ही नहीं, बल्कि देश की 140 करोड़ आबादी की जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर भी बोले योगी
नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में सीएम योगी ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया को सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि बिना भेदभाव और आरक्षण के नियमों का पालन करते हुए योग्य अभ्यर्थियों का चयन करना चुनौतीपूर्ण काम है। आयोग और बोर्ड इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि योग्य युवाओं को उनकी मेरिट के आधार पर अवसर मिलने से उनकी प्रतिभा और ऊर्जा का लाभ पूरे प्रदेश को मिलता है।
6 महीने में 1 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार अगले 6 महीनों में 1 लाख युवाओं को अलग-अलग चरणों में सरकारी नियुक्ति पत्र देने जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 9 लाख 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने में सरकार सफल रही है।
इस दौरान उन्होंने पिछली सपा सरकार पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि 2017 से पहले प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया में युवाओं को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। योगी ने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य पारदर्शी तरीके से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

