इस्लामाबाद, एजेंसी। श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा के लिए भारत आने की तैयारी कर रहे पाकिस्तानी सिख श्रद्धालुओं को बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तान ने शुक्रवार को फैसलाबाद एयरपोर्ट पर एक जत्थे को भारत जाने से रोक दिया। इमिग्रेशन अधिकारियों ने यात्रा से पहले नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) दिखाने को कहा। श्रद्धालुओं का कहना है कि उनसे पहले कभी इस तरह के सर्टिफिकेट नहीं मांगी गई।
जत्थे के नेता पपिंदर सिंह के मुताबिक, श्रद्धालुओं को शुक्रवार सुबह करीब 2:10 बजे फैसलाबाद से शारजाह के लिए उड़ान भरनी थी। इसके बाद शारजाह से दिल्ली पहुंचना था। लेकिन एयरपोर्ट पर उन्हें फ्लाइट में चढ़ने से पहले रोक दिया गया। उन्होंने बताया कि उनकीफैसलाबाद-शारजाह की फ्लाइट पहले ही छूट चुकी है और शारजाह से दिल्ली की आगे की फ्लाइट भी छूट जाएगी।
भारत की ओर से श्री हेमकुंड साहिब जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को 92 वीजा जारी किए थे। जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं को दिल्ली, अमृतसर, श्री आनंदपुर साहिब और श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा पर निकला था। इसके बावजूद पाकिस्तान ने अचानक NOC के बहाने सभी को एयरपोर्ट पर ही रोक दिया। सभी श्रद्धालु अब पाकिस्तान की और से यात्रा की अनुमति मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
जत्थे के लीडर का कहना है कि भारत ने 92 वीज़ा जारी किए थे, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने यात्रियों को महंगा दूसरा हवाई रास्ता लेने के लिए मजबूर किया। उन्होंने सारे इंतजाम करने में लगभग 2 करोड़ रुपये खर्च किए थे और अब वे बहुत निराश हैं। NOC की अचानक मांग से उनकी पूरी यात्रा योजना प्रभावित हो गई। अब एयरपोर्ट पर वाहेगुरु से प्रार्थना कर रहे हैं।
अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्तेभेजने का दबाव
जत्थे के लीडर ने बताया कि एयरपोर्ट पहुंचने से पहले, उन्होंने पाकिस्तान पंजाब के सिख माइनॉरिटी मिनिस्टर और पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PSGPC) के प्रेसिडेंट रमेश अरोड़ा से मुलाकात की थी। आरोप है कि उस दौरान उन्हें हवाई रास्ते से भारत जाने के बजाय अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते सड़क से भेजने की बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि श्री हेमकुंड साहिब जाने के लिए NOC का मुद्दा पहले कभी नहीं उठाया गया था, लेकिन जब इमिग्रेशन ने मांगा तो हमने रमेश अरोड़ा से NOC देने के लिए कहा, लेकिन वो भी कुछ कर नहीं पाए। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब अटारी-वाघा बॉर्डर बंद होने के कारण पाकिस्तान से भारत आने वाले सिख श्रद्धालुओं के लिए मुश्किलें पहले से बढ़ी हुई हैं।
पाकिस्तान सरकार की ओर से समाधान का इंतजार
श्रद्धालुओं ने पाकिस्तान सरकार से उन्हें अटारी-वाघा रूट से भारत आने की विशेष अनुमति देने की अपील की है। उनका कहना है कि अगर उन्हें जल्द अनुमति मिलती है तो वे हेमकुंड साहिब की यात्रा से वंचित होने से बच सकते हैं।फिलहाल श्रद्धालु फैसलाबाद एयरपोर्ट पर ही रुके हुए हैं और पाकिस्तान सरकार की ओर से समाधान का इंतजार कर रहे हैं।


