नए साल में घूमने की बना रहे योजना, फ्लाइट कैंसिल हो या सामान खो जाए, आसानी से मिलेगा क्लेम

नए साल में अगर आप कहीं घूमने जा रहे हैं, तो ट्रैवल इंश्योरेंस जरूर रखें। ट्रैवल इंश्योरेंस का मकसद यात्रा के दौरान आई अचानक परेशानी से आपको सुरक्षित रखना है। हाल ही में परिचालन संबंधी चुनौतियों के कारण दिल्ली, मुंबई, पुणे, बंगलूरू और हैदराबाद सहित कई प्रमुख हवाईअड्डों पर लोगों को फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ा।
ऐसी मुश्किल स्थितियों में ट्रैवल इंश्योरेंस काफी मददगार साबित होता है। अगर आपने कॉम्प्रिहेंसिव ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी ली है, तो ऐसे मुश्किल हालात यह समझने का सबसे अच्छा मौका होते हैं कि आपकी कवरेज कब और कैसे काम आ सकती है। अगर आपकी फ्लाइट कैंसिल हो जाए, ट्रांसफर मिस हो जाए, अचानक मेडिकल संबंधी जरूरतें आ जाए या होटल बुकिंग करने में दिक्कत आए, खासकर जब एयरलाइन के परिचालन में इस तरह की गड़बड़ी हो जाए, तब आपके लिए यह जानना बहुत जरूरी हो जाता है कि ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत क्लेम किस प्रकार और कब दर्ज करना होता है।
यात्रा से पहले की तैयारी
यात्रा पर निकलने से पहले यह जरूरी है कि आप साथ ले जाने वाली सभी महंगी और कीमती चीजों की सूची बना लें। पसंदीदा डेस्टिनेशन के लिए रवाना होने से पहले जो भी कीमती सामान या दस्तावेंज साथ ले जा रहे हैं, उनकी तस्वीरें खींचकर सुरक्षित रख लें। इसके अलावा, अपने सभी ट्रैवल दस्तावेज की एक कॉपी बना लें और उसे परिवार के भरोसेमंद सदस्य या दोस्त के पास रख दें और असली दस्तावेज को अपने साथ लेकर सफर पर जाएं।
ट्रैवल क्लेम अनुभव को आसान बनाने के तरीके
शर्तें बारीकी से पढ़ना
शर्तों को पढ़ने से यह पता चलता है कि ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी में क्या शामिल है और क्या नहीं। क्लेम दर्ज करते समय अगर आप पॉलिसी से वाकिफ हैं, तो शर्तों और सीमाओं के आधार पर क्लेम की स्वीकार्यता समझने में आसानी होगी। ट्रैवल इंश्योरेंस कवरेज में फ्लाइट कैंसिलेशन एवं देरी, सामान खोना और मेडिकल इमरजेंसी आदि से से जुड़े खर्च शामिल होते हैं।
मेडिकल एमरजेंसी
इमरजेंसी या एक्सीडेंट के मामले में इंश्योरेंस कंपनी को सूचित करें। सभी मेडिकल रसीदें और रिपोर्ट सुरक्षित रखें। दुर्घटना थर्ड पार्टी की गलती से हुई हो, तो पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराएं और ताकि क्लेम में आसानी हो।
सामान खोना या चोरी होना
ट्रैवल इंश्योरेंस पॉलिसी सामान के खोने या चोरी होने पर मुआवजा देती है। इसके लिए पुलिस स्टेशन से लिखित रिपोर्ट करें और इंश्योरेंस कंपनी को इसकी सूचना दें।