वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हवाई सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई है। राष्ट्रपति के आधिकारिक हेलिकॉप्टर मरीन वन की उड़ान के दौरान वह एक यात्री विमान के तय सुरक्षा मानकों से अधिक करीब पहुंच गया। घटना के बाद फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार दोपहर ट्रंप को लेकर मरीन वन ने व्हाइट हाउस से उड़ान भरी थी। इसी दौरान वॉशिंगटन डीसी के हवाई क्षेत्र में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से जुड़ी चूक के कारण हेलिकॉप्टर और फ्लोरिडा के पेंसाकोला जा रहे एक कमर्शियल विमान के बीच निर्धारित न्यूनतम दूरी नहीं रह सकी। हालांकि दोनों विमान टकराव की स्थिति में नहीं थे और उन्होंने सुरक्षित रूप से अपनी-अपनी उड़ान पूरी की।
एफएए ने बयान जारी कर कहा कि वह मरीन वन से जुड़ी इस सुरक्षा घटना की जांच कर रहा है। एजेंसी के अनुसार, शुरुआती जानकारी से यह नहीं लगता कि दोनों विमान किसी तत्काल टक्कर के खतरे में थे।
वहीं, व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा कि मरीन वन की उड़ान दुनिया के सबसे अनुभवी सैन्य पायलट संचालित करते हैं और राष्ट्रपति ट्रंप किसी भी समय खतरे में नहीं थे।
पिछले हादसे के बाद और सख्त हुए थे नियम
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब जनवरी 2025 में वॉशिंगटन के ऊपर एक कमर्शियल विमान और सेना के ब्लैक हॉक हेलिकॉप्टर की टक्कर में 67 लोगों की मौत के बाद विमानन सुरक्षा नियमों को और कड़ा किया गया था। उस हादसे के बाद सरकार ने भी सुरक्षा व्यवस्था में हुई चूक स्वीकार की थी।
एफएए के मौजूदा नियमों के अनुसार, एयरपोर्ट के आसपास उड़ान भरने वाले विमानों के बीच कम से कम 1.5 मील की क्षैतिज (Horizontal) और 500 फीट की ऊर्ध्वाधर (Vertical) दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इस घटना में निर्धारित सुरक्षा दूरी का पालन नहीं हो सका।
तीसरे विमान को भी बदलना पड़ा मार्ग
जांच में यह भी सामने आया है कि घटना के दौरान एक तीसरा विमान, रिपब्लिक एयरवेज फ्लाइट 4700, भी रीगन नेशनल एयरपोर्ट के करीब पहुंच गया था। सुरक्षा कारणों से उसे लैंडिंग से पहले कुछ समय तक हवा में चक्कर लगाने के निर्देश दिए गए।
सूत्रों के मुताबिक, एफएए इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए विशेष सुरक्षा समीक्षा टीम गठित करने की तैयारी कर रहा है। जांच पूरी होने के बाद यह स्पष्ट होगा कि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के लिए किस स्तर पर चूक हुई।

