सरकार के अनुसार, वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में जम्मू-कश्मीर आने वाले घरेलू पर्यटकों की संख्या में लगभग 23 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या में 44 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। वर्ष 2022 की तुलना में भी 2025 के आंकड़े कमजोर रहे।
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता लंबे समय से देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करती रही है। पिछले कुछ वर्षों में सुरक्षा स्थिति में सुधार के साथ पर्यटन में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही थी, लेकिन 2025 में पर्यटकों की संख्या में गिरावट देखने को मिली। केंद्र सरकार ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि वर्ष 2025 के दौरान घरेलू और विदेशी, दोनों श्रेणियों के पर्यटकों की संख्या घटी है।
पर्यटन क्षेत्र में यह गिरावट अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देखी गई, जिसके चलते कई पर्यटकों ने अपनी यात्रा योजनाओं में बदलाव किया। इससे पिछले वर्षों में पर्यटन में बनी तेजी प्रभावित हुई।
केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में जम्मू-कश्मीर में 1.13 करोड़ से अधिक घरेलू पर्यटक और लगभग 2,000 विदेशी पर्यटक पहुंचे थे। वर्ष 2022 में घरेलू पर्यटकों की संख्या में 63.49 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह बढ़कर 1.84 करोड़ से अधिक हो गई, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या लगभग 20,000 तक पहुंच गई।
वर्ष 2023 पर्यटन के लिहाज से जम्मू-कश्मीर के लिए रिकॉर्ड वर्ष रहा। पहली बार 2 करोड़ से अधिक पर्यटक केंद्र शासित प्रदेश पहुंचे। घरेलू पर्यटकों की संख्या बढ़कर 2.06 करोड़ से अधिक हो गई, जबकि विदेशी पर्यटकों की संख्या 55,000 से अधिक रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 175 प्रतिशत अधिक थी।
हालांकि, 2025 में दर्ज गिरावट ने पर्यटन उद्योग के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों को उम्मीद है कि सुरक्षा व्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली पहलों के जरिए आने वाले समय में पर्यटकों की संख्या फिर से बढ़ेगी।

