उत्तर प्रदेश को वस्त्रोद्योग का देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए बड़े निवेश को उद्योग जगत उत्साहित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को वस्त्रोद्योग के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में उद्योग जगत ने बड़े निवेश की इच्छा जताई है। ‘यूपी टेक्सटाइल कॉन्क्लेव-2026’ के उद्घाटन समारोह में पूर्व राज्यसभा सदस्य, उद्योगपति, समाजसेवी तथा रामकी समूह के संस्थापक एवं अध्यक्ष अल्ला अयोध्या रामी रेड्डी ने प्रदेश में निवेश के लिए उपलब्ध अनुकूल वातावरण की सराहना की। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे तेज विकास और बेहतर औद्योगिक वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश उद्योगों के लिए निवेश और विकास की व्यापक संभावनाओं वाला महत्वपूर्ण गंतव्य बनकर उभरा है।रामी रेड्डी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस गति से आगे बढ़ रहा है, उसी दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश को नई सोच, अनुशासन और प्रभावी प्रशासन के साथ आगे ले जा रहे हैं। प्रदेश में सुरक्षा, स्थिरता और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था से उद्योगपतियों में निवेश का भरोसा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि उद्योगपति ऐसे स्थान पर निवेश करना चाहते हैं, जहां उन्हें सुरक्षित, स्थिर और भरोसेमंद वातावरण मिले। उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के साथ संसाधनों से भी समृद्ध है। मजबूत राजनीतिक नेतृत्व और सक्षम प्रशासनिक व्यवस्था उद्योग जगत को प्रदेश में निवेश के लिए विश्वास प्रदान कर रही है।उन्होंने कहा कि वस्त्रोद्योग देश के सबसे पुराने और महत्वपूर्ण उद्योगों में शामिल है।

तमिलनाडु ने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उत्तर प्रदेश को वस्त्रोद्योग में देश का नंबर एक राज्य बनाने के लिए तमिलनाडु सहित सफल राज्यों के अनुभवों से सीख लेकर प्रदेश की परिस्थितियों के अनुरूप ठोस कार्ययोजना तैयार करनी होगी। इसके लिए सरकार और उद्योग जगत को मिलकर काम करना होगा।रामी रेड्डी ने कहा कि लखनऊ के आसपास तथा प्रदेश के चार-पांच स्थानों पर विकसित किए जा रहे वस्त्रोद्योग केंद्र और पार्क इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार वस्त्रोद्योग के विकास को लेकर गंभीर है और इसके लिए दीर्घकालिक तैयारी की जा रही है। स्थिर वातावरण, बेहतर आधारभूत ढांचा और सस्ती उपयोगी सेवाएं उपलब्ध कराने का सरकार का आश्वासन उद्योग जगत के लिए महत्वपूर्ण है। ‘काम के पास आवास’ की अवधारणा के साथ निजी क्षेत्र की श्रेष्ठ औद्योगिक इकाइयों को इन केंद्रों में लाने से उद्योग और श्रमिक दोनों को लाभ होगा तथा वस्त्रोद्योग का समग्र विकास तेज गति से हो सकेगा।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के वस्त्रोद्योग क्षेत्र में बड़े निवेश की आवश्यकता है और उद्योग जगत इसके लिए प्रतिबद्ध है। देशभर का उद्योग जगत प्रदेश में वस्त्रोद्योग के विकास को लेकर आशान्वित है और इस विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए उत्सुक है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश देश के साथ-साथ वैश्विक वस्त्रोद्योग के मानचित्र पर भी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।कॉन्फ्लेव में प्रीकॉट लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा भारतीय वस्त्र उद्योग परिसंघ के उपाध्यक्ष अश्विन चंद्रन ने कहा कि भारतीय वस्त्र एवं परिधान उद्योग महत्वपूर्ण बदलाव के दौर से गुजर रहा है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बदलाव के बीच खरीदार अब केवल लागत ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता, प्रौद्योगिकी, स्थिरता, उत्पादकता और समय पर आपूर्ति को भी प्राथमिकता दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत के पास कच्चे माल से तैयार उत्पाद तक पूरी वस्त्र मूल्य श्रृंखला और विशाल घरेलू बाजार उपलब्ध है। अगले पांच वर्षों में भारतीय वस्त्र एवं परिधान बाजार को वर्तमान लगभग 180 अरब डॉलर से बढ़ाकर 350 अरब डॉलर और निर्यात को करीब 37 अरब डॉलर से बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है। इसके लिए बड़े पैमाने पर विस्तार, एकीकृत औद्योगिक तंत्र, तकनीकी उन्नयन तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और रोबोटिक्स के बढ़ते उपयोग की आवश्यकता होगी।चंद्रन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास युवा कार्यबल, मजबूत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम आधार, वस्त्र एवं परिधान समूह, हथकरघा-हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा और विशाल घरेलू बाजार है। प्रदेश तकनीकी वस्त्र, टिकाऊ एवं पुनर्चक्रित उत्पाद तथा उच्च मूल्य वाले घरेलू वस्त्रों के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विस्तार के लिए स्थिर नीतियां, तैयार आधारभूत ढांचा, प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली-पानी, बेहतर परिवहन, कुशल मानव संसाधन और त्वरित स्वीकृतियां आवश्यक हैं।उन्होंने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन की विभिन्न पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय वस्त्र उद्योग परिसंघ भारत सरकार के साथ समर्थ योजना के तहत वस्त्र क्षेत्र में कौशल विकास के लिए कार्य कर रहा है। इसी अनुभव के आधार पर संगठन उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर मौजूदा औद्योगिक समूहों और नई निवेश परियोजनाओं की भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कुशल कार्यबल तैयार करने में सहयोग करने के लिए तैयार है।