वॉशिंगटन, एजेंसी। भारतीय-अमेरिकी सांसद कांग्रेसी राजा कृष्णमूर्ति एकमात्र सांसद थे। जिन्होंने अपनी डेमोक्रेटिक पार्टी से अलग हटकर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून के पक्ष में वोट दिया। 58 डेमोक्रेट सांसदों ने उस विधेयक के पक्ष में मतदान किया, जिसमें रूसी तेल और गैस के शीर्ष पांच खरीदारों को 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रावधान है। इस कदम से भारत और चीन पर असर पड़ सकता है।
प्रतिनिधि सभा में छह भारतीय-अमेरिकी सदस्य हैं, जो सभी डेमोक्रेटिक पार्टी से संबंधित हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधियों रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, अमी बेरा, थानेदार और सुहास सुब्रमण्यम ने पार्टी लाइन का पालन करते हुए उस विधेयक के खिलाफ मतदान किया जो रूस से यूरेनियम की अमेरिकी खरीद को प्रतिबंधों के दायरे से छूट देता है। बुधवार को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग ऑफ रशिया एंड ईरान एक्ट’ 262-159 के अंतर से पास हो गया।
यूक्रेनी समर्थक समूह से मुलाकात की
कृष्णमूर्ति, जिन्होंने मार्च में अमेरिकी सीनेट प्राइमरी का चुनाव लड़ा था लेकिन जीत नहीं पाए थे। अगले साल जनवरी में प्रतिनिधि सभा से सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इलिनोइस के कांग्रेसी सदस्य ने बुधवार को होने वाले मतदान से पहले एक यूक्रेनी समर्थक समूह से मुलाकात की।
मुलाकात के बाद क्या बोला?
उन्होंने बुधवार को ‘इलिनोइस यूक्रेन एक्शन’ के सदस्यों से मिलने के बाद एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘यूक्रेन के लोग अपनी स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए बहादुरी से संघर्ष कर रहे हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका को उनके साथ खड़ा रहना चाहिए। मैं इलिनोइस के यूक्रेनी समुदाय का आभारी हूं कि वे इस समर्थन को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कृष्णमूर्ति उन मुखर भारतीय-अमेरिकी कांग्रेस सदस्यों में से हैं जो अक्सर प्रवासी सदस्यों को सार्वजनिक पद की दौड़ में शामिल होने और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करते है।


