वॉशिंगटन, एजेंसी। एक तरफ यूपी में 2027 के विधानसभा चुनावों को देखते हुए योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव लोक-लुभावन घोषणाओं के जरिए जनता के लिए ‘खजाना’ खोल रहे हैं, वहीं अमेरिका में नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा चुनावी दांव चला है। उन्होंने कहा कि अगर रिपब्लिकन पार्टी आगामी चुनाव में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट, दोनों में जीतती है, तो हर वयस्क अमेरिकी नागरिक को करीब 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। रिपब्लिकन पार्टी ने बुधवार, 9 सितंबर को टेक्सास के डलास में अपना पहला मिडटर्म इलेक्शन कैंपेन शुरू किया। ट्रंप ने इस दौरान अमेरिकी नागरिकों को 5,000 डॉलर (4।76 लाख रुपये) देने का वादा किया।
ट्रंप ने कहा कि देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और आर्थिक सफलता के कारण वह यह रकम देंगे। उन्होंने इस योजना को ट्रंप डिविडेंड नाम दिया। उन्होंने इस डिविडेंड के साथ एक शर्त भी रखी। उन्होंने कहा कि यह पैसा अमेरिका में ही खर्च करना होगा। उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहते कि लोग यह पैसा लेकर कनाडा, चीन या जर्मनी जाकर खर्च करें। हालांकि, ट्रंप ने यह नहीं बताया कि यह पैसा पाने के लिए लोगों को किन शर्तों को पूरा करना होगा। यह भी साफ नहीं है कि सरकार इसे किस तरीके से लोगों तक पहुंचाएगी।
योजना में कुल कितनी रकम खर्च होगी?
अनुमान के मुताबिक, दुनिया भर में करीब 24।5 करोड़ वयस्क अमेरिकी नागरिक हैं। न्यूजवीक के मुताबिक, अगर सभी को 5,000 डॉलर दिए जाते हैं, तो इस योजना पर करीब 1।22 ट्रिलियन डॉलर (करीब 116 लाख करोड़ रुपये) खर्च हो सकते हैं। हालांकि, ट्रंप ने अपने बयान में अमेरिका में रहने वाले वयस्क नागरिकों की बात कही है। ऐसे में विदेशों में रहने वाले करीब 20 लाख अमेरिकी नागरिक इस योजना से बाहर हो सकते हैं।
फिलहाल इस प्रस्ताव की और कोई जानकारी सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि सरकार यह कैसे जांचेगी कि डिविडेंड का पैसा सिर्फ अमेरिका में ही खर्च हुआ है। साथ ही, यह भी साफ नहीं है कि उम्र के अलावा आय या किसी दूसरी योग्यता को इस योजना में शामिल किया जाएगा या नहीं।
चुनाव के बाद जंग खत्म: ट्रंप
ट्रंप ने कहा है कि उन्हें लगता है कि ईरान के साथ युद्ध नवंबर में होने वाले मिड-टर्म चुनावों के तुरंत बाद खत्म हो जाएगा। ट्रंप के मुताबिक, ‘ईरान की लीडरशिप इन चुनावों पर असर डालने की कोशिश करने के लिए बेताब है।’ ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह निकट भविष्य में ईरान के साथ किसी भी तरह की बातचीत करने के बारे में नहीं सोच रहे हैं।


