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30 Aug 2025, Sat

बिना आईटीआर भी मिल सकता है लोन, वैकल्पिक दस्तावेज और अच्छा क्रेडिट स्कोर बनेंगे सहारा

आप सस्ते ब्याज पर आसानी से कर्ज लेना चाहते हैं, तो बेहतर क्रेडिट स्कोर के साथ एक और चीज महत्वपूर्ण है। वह है आयकर रिटर्न। बैंक या अन्य कर्जदाता इसका इस्तेमाल आपकी कमाई और पुनर्भुगतान क्षमता के आकलन के लिए करते हैं। खासकर उच्च मूल्य या पर्सनल लोन जैसे असुरक्षित कर्ज के मामले में। ऐसे लोग भी हैं, जिनके पास आयकर रिटर्न (आईटीआर) नहीं होता। इनमें पहली बार कमाने वाले, गृहिणी, फ्रीलांसर, विदेश से लौटे एनआरआई और नकदी में वेतन पाने वाले लोग व अन्य हैं। ऐसे लोगों को कर्ज लेना मुश्किल होता है। लेकिन, कई विकल्प हैं, जिनके जरिये आईटीआर के बिना भी कर्ज ले सकते हैं।
वैकल्पिक आय प्रमाण दें
आईटीआर नहीं होने पर ऋणदाता वित्तीय स्थिति के आकलन के लिए सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, किराये की रसीदें या यूटिलिटी बिल जैसे अन्य विकल्प स्वीकार करते हैं। स्व-रोजगार करने वाले जीएसटी प्रमाणपत्र, टर्नओवर रिकॉर्ड या चालान साझा कर सकते हैं।
पर्सनल लोन के लिए आवेदन करें
पर्सनल लोन के लिए कोलैटरल की जरूरत नहीं होती है। क्रेडिट स्कोर अच्छा है और स्थिर आय का प्रमाण है, तो बिना आईटीआर के भी पर्सनल लोन मिल सकता है। कुछ बैंक मौजूदा ग्राहकों को प्री-अप्रूव्ड लोन भी देते हैं।
सह-आवेदक को भी जोड़ सकते हैं
स्थिर आय व आईटीआर वाले सह-आवेदक के साथ आवेदन कर सकते हैं। ऋणदाता दोनों की आय देखते हैं। इससे आवेदन मंजूर हो सकता है। सह-आवेदक ऋणदाता को पुनर्भुगतान प्रोफाइल भी दे सकता है।
विशेष योजनाओं पर करें विचार
स्व-रोजगार करने वाले या दिहाड़ी कर्मचारी हमेशा आईटीआर नहीं भरते हैं। इनके लिए कुछ ऋणदाता विशेष योजनाएं चलाते हैं। इसके लिए बैंकों या एनबीएफसी से संपर्क कर सकते हैं।
गोल्ड लोन के बारे में जानें
गोल्ड लोन सबसे सुरक्षित ऋण विकल्पों में से एक है। इसके लिए हमेशा आईटीआर की जरूरत नहीं होती है। खासकर छोटी राशि के लिए। इसमें कर्जदाता सोने की शुद्धता और मूल्य का मूल्यांकन करते हैं। उसके आधार पर कर्ज देते हैं। वे बुनियादी केवाईसी दस्तावेज व पते का प्रमाण मांग सकते हैं।
बैंक से संबंधों का उठाएं लाभ
आप बैंक के पुराने ग्राहक हैं, तो आईटीआर के अभाव में कर्ज लेने के लिए रिलेशनशिप मैनेजर से बात करें। बैंक ऐसे ग्राहकों की अक्सर मदद करते हैं। एक मजबूत क्रेडिट स्कोर और खाते में नियमित लेनदेन आईटीआर की कमी की भरपाई कर सकता है।
पी2पी ऋण प्लेटफॉर्म की ले सकते हैं मदद
पीयर-टु-पीयर (पी2पी) ऋण प्लेटफॉर्म उधारकर्ताओं को सीधे कर्जदाताओं से जोड़ते हैं। वे अधिक दस्तावेज भी नहीं मांगते हैं। हमेशा आईटीआर पर जोर नहीं देते,अगर पुनर्भुगतान क्षमता का अन्य प्रमाण उपलब्ध हो। ऐसे प्लेटफॉर्म के जरिये कर्ज लेने से पहले यह जरूर देखें कि वह आरबीआई में पंजीकृत है या नहीं। ब्याज दर व जोखिम पर भी विचार कर सकते हैं। -आदिल शेट्टी, सीईओ, बैंक बाजार

By Aryavartkranti Bureau

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