वॉशिंगटन, एजेंसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ऐसा संकेत दिया है, जिसने अमेरिका और ईरान के बीच पहले से तनावपूर्ण माहौल में नई चर्चा छेड़ दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक नई तस्वीर साझा की है। इस तस्वीर में होर्मुज जलडमरूमध्य को उन इलाकों और क्षेत्रों की सूची के साथ दिखाया गया है, जिनका किसी न किसी रूप में अमेरिका से संबंध है।
तस्वीर में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के साथ प्यूर्टो रिको, नॉर्दर्न मारियाना आइलैंड्स, यूएस वर्जिन आइलैंड्स, गुआम, वेक आइलैंड, वॉशिंगटन डीसी, अमेरिकन समोआ, फेडरेटेड स्टेट्स ऑफ माइक्रोनेशिया और मार्शल आइलैंड्स को एक साथ रखा गया है। ट्रंप की यह पोस्ट ऐसे समय आई है जब वह पिछले कुछ दिनों से लगातार होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण की बात कर रहे हैं। यानी मामला सिर्फ एक सोशल मीडिया पोस्ट तक सीमित नहीं है। ट्रंप के हालिया बयानों को देखें तो ऐसा लगता है कि वह इस बेहद अहम समुद्री रास्ते को लेकर अमेरिका की भूमिका को पहले से कहीं ज्यादा खुलकर सामने रख रहे हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर ट्रंप के बयान पिछले कुछ समय में लगातार सख्त हुए हैं। 12 अगस्त को उन्होंने Truth Social पर दावा किया था कि अमेरिका के पास होर्मुज पर “पूर्ण नियंत्रण” है। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि वॉशिंगटन इस नियंत्रण को अपने पास बनाए रख सकता है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को “स्टील की दीवार” तक बताया था। इसके दो दिन बाद उनका बयान और आगे बढ़ गया।
न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि वह जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का एक क्षेत्र घोषित कर सकते हैं। बाद में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने इस विचार को पसंद करने की बात कही और इसकी वजह भी बताई—उनके मुताबिक, अमेरिकी नाकेबंदी के कारण इस जलमार्ग पर अमेरिका का नियंत्रण है। इसके बाद 18 अगस्त को ट्रंप ने एक और नक्शा पोस्ट किया। इस नक्शे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के ऊपर साफ तौर पर “NEW U.S. Territory” लिखा हुआ था। यह पोस्ट उस वक्त सामने आई थी जब ईरान और ओमान इस जलमार्ग से जहाजों की आवाजाही को लेकर व्यवस्था बनाने की कोशिश कर रहे थे। 21 अगस्त को ट्रंप ने फिर कहा कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को “अमेरिकी क्षेत्र” मानते हैं और दोहराया कि अमेरिका का इस मार्ग पर नियंत्रण है।
ट्रंप की नई पोस्ट में जिन जगहों को एक साथ दिखाया गया है, उनमें से सभी अमेरिका के क्षेत्र नहीं हैं। यही वजह है कि इस तस्वीर ने कानूनी और राजनीतिक तौर पर भी सवाल खड़े किए हैं। अमेरिकी आंतरिक विभाग के मुताबिक, अमेरिकन समोआ, गुआम, नॉर्दर्न मारियाना आइलैंड्स और यूएस वर्जिन आइलैंड्स अमेरिकी क्षेत्र हैं। प्यूर्टो रिको भी अमेरिका का क्षेत्र है, जबकि वेक आइलैंड को अमेरिकी इंसुलर एरिया के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। लेकिन माइक्रोनेशिया और मार्शल आइलैंड्स की स्थिति अलग है। ये स्वतंत्र और संप्रभु देश हैं, जो अमेरिका के साथ ‘फ्री एसोसिएशन’ की व्यवस्था में जुड़े हुए हैं। यानी उन्हें अमेरिकी क्षेत्र कहना सही नहीं होगा।
इसी अंतर की वजह से ट्रंप की तस्वीर को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इसे सिर्फ राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जाए या यह उनके उस विचार का संकेत है जिसमें वह होर्मुज पर अमेरिकी नियंत्रण को स्थायी रूप देने की बात कर रहे हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज कोई सामान्य समुद्री रास्ता नहीं है। ईरान और ओमान के बीच स्थित यह संकरा जलमार्ग दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया की समुद्री रास्ते से होने वाली कुल तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता था। ऐसे में यहां जहाजों की आवाजाही में मामूली रुकावट भी वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर डाल सकती है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण इस रास्ते पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है। नतीजा यह हुआ कि सामान्य दिनों की तुलना में यहां से गुजरने वाले जहाजों की संख्या काफी कम हो गई है।
रॉयटर्स ने 25 अगस्त को बताया था कि ट्रंप के अनुसार अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद समुद्री बारूदी सुरंगों को हटा दिया गया है। साथ ही उन्होंने ईरान को नई माइंस बिछाने के खिलाफ चेतावनी भी दी। ट्रंप ने यह भी कहा था कि अमेरिकी स्पेस फोर्स जलमार्ग पर नजर रख रही है।

