लेटेस्ट न्यूज़
24 Jan 2026, Sat

एसआईआर पर बहस: सुप्रीम कोर्ट में गूंजा अमेरिका का नाम, EC ने किया ट्रंप-मादुरो का जिक्र

नई दिल्ली। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के दौरान भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने गुरुवार को अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड पर नियंत्रण करने की धमकियों जैसे हालिया घटनाक्रमों का हवाला दिया।
ईसीआई ने याचिकाकर्ताओं द्वारा अमेरिकी अदालतों के फैसलों पर आधारित तर्कों का खंडन करते हुए ये दलीलें पेश कीं। आयोग की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश द्विवेदी ने अपनी दलीलों में अमेरिकी अदालतों के फैसलों का हवाला दिया गया।
माता-पिता का भारतीय होना अनिवार्य
वकील राकेश द्विवेदी ने SIR प्रक्रिया का बचाव करते हुए कहा कि एक बार जब चुनाव आयोग धारा 21(3) के तहत एसआईआर जारी करने का आदेश देता है। तो इसे लागू करने की प्रक्रिया भी चुनाव आयोग द्वारा ही तय की जाती है। पिछले SIR के बाद नागरिकता अधिनियम में संशोधन किया गया और अब दोनों माता-पिता का भारतीय होना अनिवार्य है।
अमेरिका कहां कर रहा कानून का पालन?
उन्होंने कहा कि अमेरिका कहां कानून की उचित प्रक्रिया का पालन कर रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति को मुकदमे के लिए चुन सकते हैं। उचित प्रक्रिया कहां है और अब वह ग्रीनलैंड पर भी कब्जा करना चाहते हैं। याचिकाकर्ता इसे यहां थोपना चाहते हैं। सीजेआई सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ विभिन्न राज्यों में मतदाता सूचियों के विशेष निरीक्षण (एसआईआर) कराने के चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक समूह की सुनवाई कर रही थी।
बिहार में एसआईआर कराने का निर्देश
पिछले साल चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर कराने का निर्देश दिया था। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और नेशनल फेडरेशन फॉर इंडियन विमेन (एनएफआईडब्ल्यू) सहित कई याचिकाओं में इस प्रक्रिया की वैधता को चुनौती दी गई थी। इसके बावजूद, चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर की कार्यवाही आगे बढ़ाई, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर कोई रोक नहीं लगाई थी। इसके बाद चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर, 2025 को पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर का विस्तार किया। इसके बाद इसे चुनौती देने वाली कई याचिकाएं दायर की गईं।

By Aryavartkranti Bureau

आर्यावर्तक्रांति दैनिक हिंदी समाचार निष्पक्ष पत्रकारिता, सामाजिक सेवा, शिक्षा और कल्याण के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने की प्रेरणा और सकारात्मकता का प्रतीक हैं।