बिजली के पीपीपी मॉडल को नकारना ठीक नहीं, सपा-कांग्रेस ने किया बहिर्गमन

लखनऊ। यूपी विधानमंडल के सत्र का मंगलवार को दूसरा दिन रहा। दूसरे दिन की कार्रवाई प्रश्नकाल के साथ शुरू हुई। अनुपूरक बजट पेश किया गया। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपनी बात रखी। इसके बाद उर्जा मंत्री ने बिजली विभाग को लेकर जा रही योजनाओं के बारे में अपनी बात रखी।
उर्जा मंत्री एके सिंह ने कहा कि बिजली विभाग को पीपीपी मॉडल में विकसित करने का सोचा गया है। कहा कि मनमोहन सिंह सरकार ने इस पीपीपी मॉडल की शुरुआत की थी। जो आज सफलता पूर्वक चल रहा है। जो कांग्रेस ने किया उसी को हम आगे बढ़ाने जा रहे हैं। यह क्षेत्र के सर्वांगीड़ विकास के लिए कर रहे हैं। कहा कि हाईवे में जब से पीपीपी मॉडल आया, तब से स्थिति बदल गई है।
पीपीपी मॉडल को सीधे नकार देना ठीक नहीं
कहा कि अगर बेहतर करने की कोई गुंजाइस है, तो बेहतर करने का क्यों न सोचा जाए। इसको लेकर बातचीत की जा रही है। टोरंट कंपनी से बात की जा रही है। इसकी गुणवत्ता ठीक है। इसलिए इसे चुना गया। कहा कि नोएडा में हम सब्सिडी खत्म नहीं कर रहे हैं। पीपीपी मॉडल को सीधे नकार देना ठीक नहीं।
कर्मियों के हित का रखा जाएगा ध्यान
कहा कि कर्मियों को आश्वस्त करता हूं कि उनका अहित नहीं होने देंगे। चाहे वह संविदा कर्मी हो, ठेका कर्मी हो या सरकारी कर्मी हों। सीएम के निर्देश पर यह प्रक्रिया चल रही है। अभी इस पर काम किया जा रहा है। जब संपन्न हो जाएगी। सभी के सामने लाने के बाद ही इसे शुरू किया जाएगा।
सपा-कांग्रेस ने सदन से किया बहिर्गमन
विद्युत् वितरण निगमों के निजीकरण के मुद्दे पर सपा-कांग्रेस के नेताओं ने हंगामा कर दिया। उन्होंने सदन से बहिर्गमन कर दिया। सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह और पल्ल्वी पटेल बहिष्कार में शामिल नहीं हुए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here