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4 Aug 2026, Tue

जूडो में पहली बार गोल्ड, मुक्केबाजों का दमदार प्रदर्शन; इन 5 वजहों से भारत के लिए यादगार बना कॉमनवेल्थ गेम्स 2026

नई दिल्ली। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का रंगारंग समापन हो गया। रेसलिंग, बैडमिंटन और हॉकी जैसे प्रमुख खेलों के शामिल न होने के बावजूद भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 39 पदक अपने नाम किए। कई खिलाड़ियों ने नए इतिहास रचे और देश को यादगार पल दिए। आइए जानते हैं वे पांच बड़ी वजहें, जिनसे भारत के लिए यह कॉमनवेल्थ गेम्स खास बन गया।

  1. मुक्केबाजों का ऐतिहासिक प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 10 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण शामिल रहे। यह पहली बार है जब भारत ने मुक्केबाजी में सात गोल्ड मेडल जीते हैं। खास बात यह रही कि भारतीय महिला मुक्केबाजों ने पांच स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर अपना दबदबा साबित किया, जबकि पुरुष मुक्केबाजों ने दो स्वर्ण और दो रजत पदक अपने नाम किए।

  1. जूडो में पहली बार मिला गोल्ड

इस बार जूडो में भी भारत ने इतिहास रचा। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार भारत को इस खेल में स्वर्ण पदक मिला। अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने गोल्ड जीतकर नया अध्याय लिखा। वहीं यामिनी मौर्य ने रजत और उन्नति शर्मा ने कांस्य पदक जीता। इस तरह भारत ने जूडो में कुल चार पदक हासिल किए।

  1. मीराबाई चानू की गोल्डन हैट्रिक

स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एक बार फिर उम्मीदों पर खरा उतरते हुए महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में 190 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही उन्होंने लगातार तीसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड जीतने का शानदार रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

  1. गुलवीर सिंह ने रचा नया इतिहास

लॉन्ग डिस्टेंस धावक गुलवीर सिंह ने भी अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा। उन्होंने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक और 5,000 मीटर स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। इसके साथ ही वह एक ही कॉमनवेल्थ गेम्स में ट्रैक एंड फील्ड में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए।

  1. शर्मिला धनखड़ ने खत्म किया 20 साल का इंतजार

पैरा एथलीट शर्मिला धनखड़ ने महिलाओं की शॉट पुट एफ57 स्पर्धा में 9.81 मीटर का अपना सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उनके इस गोल्ड के साथ भारत का इस स्पर्धा में 20 साल का इंतजार खत्म हुआ। वह कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पैरा एथलेटिक्स में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बनीं।

इन ऐतिहासिक उपलब्धियों ने साबित कर दिया कि सीमित खेलों के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने अपने दमदार प्रदर्शन से कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 को देश के लिए यादगार बना दिया।

By Aryavartkranti Bureau

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