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3 Apr 2026, Fri

दुश्मनों का नाश करने समंदर में उतरी INS अरिदमन, राजनाथ बोले- ये शब्द नहीं शक्ति है

नई दिल्ली। भारत ने अपनी समुद्री परमाणु ताकत को बड़ा बढ़ावा देते हुए तीसरी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी INS अरिदमन (S4) को शुक्रवार को नौसेना में शामिल कर लिया है। हालांकि, विशाखापट्टनम में आयोजित यह कमीशनिंग समारोह गोपनीय रखा गया, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसका संकेत देते हुए लिखा, “यह शब्द नहीं, बल्कि शक्ति है अरिदमन!”
रक्षा सूत्रों ने भी पुष्टि की है कि भारत की तीसरी SSBN अब ऑपरेशनल हो चुकी है। SSBN यानी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी, जो लंबी दूरी तक परमाणु हथियार ले जाने और दागने में सक्षम होती है। इससे पहले नौसेना प्रमुख Admiral दिनेश के त्रिपाठी ने दिसंबर 2025 में कहा था कि आईएनएस अरिदमन अंतिम ट्रायल चरण में है और जल्द ही इसे कमीशन किया जाएगा।
आईएनएस अरिदमन रणनीतिक महत्व
आईएनएस अरिदमन के शामिल होने से भारत की परमाणु त्रिस्तरीय क्षमता (न्यूक्लियर ट्रायड) और मजबूत हो गई है। अब भारत के पास तीन ऑपरेशनल SSBN हैं, जो समुद्र में लगातार तैनाती सुनिश्चित करने में मदद करेंगे। यह पनडुब्बी भारत की सेकंड स्ट्राइक क्षमता को मजबूत करती है, यानी किसी भी परमाणु हमले की स्थिति में भारत समुद्र से जवाब देने में सक्षम रहेगा।
बढ़ी समुद्री ताकत
आईएनएस अरिदमन का कमीशन होना भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता और रणनीतिक ताकत का बड़ा संकेत माना जा रहा है। इससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की पकड़ और मजबूत होगी और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी। भारत लगातार अपनी तीनों सेनाओं को मजबूत करने में लगा हुआ है।

By Aryavartkranti Bureau

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