पाकिस्तान के खिलाफ जिहाद, अफगानिस्तान की मस्जिदों से हो रहा ऐलान

इस्लामाबाद, एजेंसी। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव काफी गंभीर हो गया है। दोनों तरफ से बॉर्डर क्लैश, ग्राउंड अटैक और एयर स्ट्राइक होने के बाद एक बड़ी जंग का खतरा बढ़ गया है। वहीं अफगानिस्तान की कई मस्जिदों में शुक्रवार की नमाज के बाद पाकिस्तान खिलाफ जिहाद का ऐलान किया गया है।
खोस्त प्रांत, पक्तिया प्रांत, पक्तिका प्रांत, लोगर प्रांत और कंधार प्रांत के लोगों ने न्यूज आउटलेट अफ़गानिस्तान इंटरनेशनल को बताया कि मौलवियों ने पाकिस्तान विरोधी मिलिटेंट ग्रुप्स से पाकिस्तानी मिलिट्री बेस पर हमले करने को कहा और पाकिस्तान के खिलाफ जिहाद का ऐलान किया। तालिबान अधिकारियों के बाद अफगानिस्तान के इमाम और जनता का गुस्सा पाकिस्तान की चिंता बढ़ा सकता है। इसके अलावा तालिबान के इंटीरियर मिनिस्टर सिराजुद्दीन हक्कानी ने पाकिस्तान से ऐसे एक्शन न लेने की अपील की, जिससे ग्रुप को देश में बगावत और जिहाद का ऐलान करने पर मजबूर होना पड़ सकता है। जिसका मतलब है कि अगर पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आता है, तो अफगानिस्तान में जिहाद का ऐलान किया जाएगा, जिसके बाद तालिबान सेना ही नहीं बल्कि एक-एक शख्स पाकिस्तान के खिलाफ जिहाद करेगा।
अब तक संघर्ष की कितने मौतें?
दोनों ही पक्षों की ओर से नुकसान को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहा हैं। जहां अफगानिस्तान का कहना है कि पाक सेना ने आम लोगों पर हमला किया है, वहीं पाक सेना आतंकी ठिकानों पर स्ट्राइक करने की बात कह रही है।
पाकिस्तान के दावे के मुताबिक 274 से 297 अफगान तालिबान लड़ाकों/मिलिटेंट्स की मौत हुई है और करीब 400 घायल हैं। वहीं पाकिस्तान ने अपनी 12 सैनिक के मारे जाने और 27 के घायल होनी की खबर दी है, जबकि एक लापता। पाकिस्तान ने इस ऑपरेशन का नाम गजब लिल हक रखा था। वहीं अफगानिस्तान तालिबान सरकार ने दावा किया कि उनके हमलों में 55 पाकिस्तानी सैनिकों की मौत हुई है। साथ ही कहा कि वह 23 शवों को अफगानिस्तान भी ले आए हैं। अपनी मौते के बारे में तालिबान सरकार ने बताया कि उनके 8 लड़ाके मारे गए और 11 घायल हुए हैं।
नागरिक मौतें की बात करें तो पाकिस्तानी हमलों से 18-19 नागरिक मारे गए, जिनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे थे और 26 घायल हुए (खासकर खोस्त और पक्तिका प्रांतों में)। अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी पोस्ट्स पर हमले किए और 19 पोस्ट्स/बेस तबाह करने का दावा किया।

Aryavartkranti Bureau
Aryavartkranti Bureauhttp://www.aryavartkranti.com
आर्यावर्तक्रांति दैनिक हिंदी समाचार निष्पक्ष पत्रकारिता, सामाजिक सेवा, शिक्षा और कल्याण के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने की प्रेरणा और सकारात्मकता का प्रतीक हैं।
अन्य ख़बर

Most Popular