नई दिल्ली। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर तत्काल मानवीय और राहत सहायता मुहैया कराने की मांग की है। उन्होंने नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित और जल्द वापसी के लिए बचाव एवं निकासी अभियान तेज करने का भी आग्रह किया।
प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में खरगे ने नेपाल में बाढ़ से हुई भारी तबाही पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस प्राकृतिक आपदा में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 600 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 2,000 लोग अब भी लापता हैं। हजारों प्रभावित लोग भोजन, दवाइयों, आश्रय और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान हैं।
नेपाल को हर संभव मानवीय मदद देने की अपील
खरगे ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि भारत सरकार नेपाल के साथ समन्वय कर बाढ़ प्रभावित लोगों तक पर्याप्त मानवीय और राहत सहायता पहुंचाए। उन्होंने कहा कि नेपाल के अलग-अलग हिस्सों में कई भारतीय नागरिक और भारतीय मूल के लोग भी फंसे हुए हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी का हवाला देते हुए खरगे ने कहा कि नेपाल में करीब 320 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क नहीं हो पाया है। उन्होंने केंद्र सरकार से संबंधित अधिकारियों को बचाव और निकासी अभियान तेज करने के निर्देश देने तथा फंसे भारतीयों की सुरक्षित भारत वापसी के लिए सभी जरूरी इंतजाम करने की अपील की।
‘दुख की घड़ी में नेपाल के साथ मजबूती से खड़ा हो भारत’
गृह मंत्री अमित शाह को लिखे अलग पत्र में खरगे ने नेपाल में आई बाढ़ को गंभीर प्राकृतिक आपदा बताया। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर जान-माल की क्षति, घरों और बुनियादी ढांचे के विनाश तथा लोगों के विस्थापन ने प्रभावित समुदायों के सामने बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी है।
खरगे ने कहा कि भारत और नेपाल के लोगों के बीच लंबे समय से गहरे और मजबूत संबंध रहे हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में भारत को अपने पड़ोसी के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए और आपदा से प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचानी चाहिए।
NDRF की टीमें भेजने का भी सुझाव
कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से नेपाल को तत्काल और व्यापक मानवीय एवं आपदा राहत सहायता उपलब्ध कराने पर विचार करने की मांग की। उन्होंने विशेष रूप से नेपाल सरकार के साथ समन्वय कर जरूरत वाले क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें भेजने का सुझाव दिया।
खरगे ने कहा कि NDRF के पास प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान चलाने का व्यापक अनुभव है। उसकी विशेषज्ञता प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को बचाने, निकासी अभियान चलाने और तत्काल राहत पहुंचाने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि गृह मंत्रालय इस गंभीर स्थिति को संवेदनशीलता के साथ देखेगा और नेपाल में बाढ़ से प्रभावित लोगों तक भारत की सहायता पहुंचाने के लिए जल्द से जल्द आवश्यक कदम उठाएगा।

