देवरिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देवरिया में समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के कार्यकाल में राज्य के खजाने का दुरुपयोग किया गया और इसके लिए अखिलेश यादव को जनता से माफी मांगनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब खराब शासन और असुरक्षा की पुरानी छवि से बाहर निकल चुका है।
देवरिया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 305 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 80 विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकारों की प्राथमिकता विकास, समृद्धि और रोजगार के अवसर पैदा करना रही है। उन्होंने कानून-व्यवस्था, कल्याणकारी योजनाओं और पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से निपटने के लिए किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया।
सपा पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री योगी ने विपक्षी दल पर हमला बोलते हुए कहा कि सपा का मतलब लूट और वसूली से है। उन्होंने जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (JPNIC) के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए। योगी ने कहा कि राज्य के खजाने के कथित दुरुपयोग के लिए सपा प्रमुख को जनता से माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश में माफियाओं की समानांतर सरकार चलती थी, लेकिन अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब विकास और कानून-व्यवस्था के मामले में आगे बढ़ रहा है और इसे अब ‘बीमारू’ राज्य के तौर पर नहीं देखा जाता।
‘माफियाओं का सफाया हो चुका है’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश की छवि में बड़ा बदलाव आया है और माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे जनप्रतिनिधियों के चुनाव से अच्छी सरकार बनती है और उसका सीधा असर विकास और रोजगार पर दिखाई देता है।
उन्होंने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में विकास, सुरक्षा और रोजगार की कमी थी। उनके मुताबिक गरीबों के लिए घर, शौचालय, LPG कनेक्शन, बिजली और सड़क जैसी सुविधाओं का भी पर्याप्त विस्तार नहीं हुआ था। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उस दौर में कई स्कूल नकल के अड्डे बन गए थे।
इंसेफेलाइटिस को लेकर पिछली सरकारों पर निशाना
पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस की समस्या का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 जुलाई से 15 नवंबर तक का समय देवरिया, महाराजगंज, गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, संत कबीर नगर और बस्ती समेत कई जिलों के लोगों के लिए चिंता का समय हुआ करता था।
योगी ने दावा किया कि करीब 40 वर्षों में इंसेफेलाइटिस से 50 हजार मासूम बच्चों की मौत हुई, लेकिन तत्कालीन सपा और कांग्रेस सरकारों ने समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि अब सरकार ने इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक स्तर पर काम किया है।

