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17 Jan 2026, Sat

इटली में और मजबूत हुईं मेलोनी, पीएम चुनाव से पहले बढ़ा दबदबा

इटली, एजेंसी। जॉर्जिया मेलोनी के गठबंधन को इटली के प्रांतीय चुनाव में बड़ी सफलता मिली है। मेलोनी गठबंधन ने इटली की 7 में से 4 प्रांतों में जीत हासिल की है। पहले मेलोनी की पार्टी और उसके गठबंधन के पास 3 प्रांत ही थे। इस जीत ने 2027 के आम चुनाव से पहले जॉर्जिया मेलोनी की सियासत को और ज्यादा मजबूत कर दिया है।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इटली की वामपंथी पार्टियां मेलोनी को पटखनी देने में विफल रही है। 2027 के चुनाव से पहले जिस तरीके से प्रांतीय चुनाव के परिणाम आए हैं, वो मेलोनी के लिए खुशखबरी है।
इटली के प्रांतीय चुनाव में मेलोनी गठबंधन को ओस्ता वैली, मार्चे, केलब्रिया और वीनेटो में जीत मिली है। वहीं विपक्षी वाममोर्चा को टस्कनी, अपुलिया और कैंपेनिया में जीत मिली है। पिछली बार वाममोर्चा के पास ओस्ता वैली भी था, लेकिन अब यह मेलोनी के गठबंधन के कब्जे में आ गया है।
इस जीत ने इटली की सियासत में मेलोनी का दबदबा बढ़ा दिया है। हाल के दिनों में मेलोनी पर इटली की परंपरा तोड़ने का आरोप लगा था। मेलोनी पर यूरोप के साथ धोखा देने का भी आरोप लग रहा था।
2027 में इटली में प्रस्तावित है आम चुनाव
2022 के आम चुनाव में जॉर्जिया मेलोनी ने इटली आम चुनाव में जीत हासिल की थी। जीत दर्ज करने के बाद मेलोनी ने इटली के विदेश नीति में बड़ा बदलाव किया। उन्होंने खुद के संपर्क के जरिए अमेरिका से रिश्ते बनाए। वहीं कई एशियाई देशों में भी अपना दबदबा बढ़ाया।
गाजा युद्ध में भी इटली ने खुलकर इजराइल का विरोध नहीं किया, जिसके कारण मेलोनी की आलोचना होती रही। मेलोनी फर्स्ट इटली प्लान के तहत ही वहां राजनीति करती हैं। ऐसे में प्रांतीय चुनाव के नतीजों ने मेलोनी को बड़ी राहत दी है।
मेलोनी की पार्टी और सरकार अब 2027 के आम चुनाव से पहले और ज्यादा आक्रामक होकर मैदान में उतरेगी। मेलोनी की कोशिश दूसरी बार इटली में प्रधानमंत्री की होगी। इटली के सियासी इतिहास में फ्रांसिसो डी गैसपरी सबसे ज्यादा 7 साल तक प्रधानमंत्री रहे हैं।

By Aryavartkranti Bureau

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