लक्ष्मण उतेकर की पीरियड डांस ड्रामा फिल्म ईठा की रिलीज की नई तारीख तय हो गई है. मशहूर लावनी और तमाशा कलाकार विठाबाई भाऊ मांग नारायणगांवकर की जिंदगी पर आधारित यह फिल्म पहले इसी महीने 28 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी. लेकिन अब इस डेट को पोस्टपोन कर दिया गया है. अब यह फिल्म एक नई तारीख पर रिलीज होगी, जिसका एलान मेकर्स ने कर दिया है.
मेकर्स ने ईठा की नई रिलीज डेट का अनाउंसमेंट किया. जो फिल्म 28 अगस्त को रिलीज होने वाली थी, वह अब इसी साल दिसंबर में रिलीज होगी. मेकर्स ने एक पोस्टर जारी करते हुए कैप्शन में लिखा है, तूफान के लिए तैयार रहना, क्योंकि ईठा आ रही है, 4 दिसंबर को.
ईठा को पहले 28 अगस्त को रिलीज करने का प्लान था, जिससे रक्षाबंधन वीकेंड पर यश की बहुप्रतीक्षित पैन-इंडिया फिल्म के साथ इसकी सीधी टक्कर होती. अब यह टकराव पूरी तरह टल गया है. टॉक्सिक की रिलीज 26 अगस्त को दुनिया भर में कन्फर्म हो गई है, जबकि ईठा को लगभग साढ़े तीन महीने आगे खिसका दिया गया है.
मेकर्स ने जून में ईठा का टीजर जारी किया था, जिसमें फिल्म की रिलीज डेट 28 अगस्त बताई गई थी. हालांकि, उसके ठीक बाद एक बड़ी घटना हुई जिसने फिल्म की दिशा ही बदल दी. 20 जून को, के. वेंकट नारायण के केवीएन प्रोडक्शंस और यश के मॉन्स्टर माइंड क्रिएशन्स ने गीतू मोहनदास की पैन-इंडिया एक्शन थ्रिलर टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोनअप्स की नई रिलीज डेट 26 अगस्त घोषित की.
नई तारीख के साथ, ईठा अब 4 दिसंबर को बॉक्स ऑफिस पर उस कॉमेडी फिल्म के साथ क्लैश होगी, जिसे अनीस बज्मी डायरेक्ट कर रहे हैं और जिसमें अक्षय कुमार और विद्या बालन मुख्य भूमिकाओं में हैं. वहीं, दिसंबर के आखिरी हफ्ते में शाहरुख खान की किंग भी रिलीज होने वाली है. यह फिल्म 24 दिसंबर को रिलीज होगी. ऐसे में ईठा के पास बॉक्स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई करने के लिए 3 हफ्ते होगे.
इस साल अगस्त स्लॉट में तारीख में बदलाव का यह पहला बड़ा मामला नहीं है. राजकुमार राव की फिल्म प्रहार पहले अपनी तय रिलीज तारीख 7 अगस्त से हट गई थी, और उस फिल्म की नई रिलीज तारीख का अभी भी इंतजार है.
ईठा महाराष्ट्र की मशहूर तमाशा कलाकार विठाबाई नारायणगांवकर की जिंदगी पर आधारित है. अपने पिता के करियर के मुश्किल दौर में परिवार की मंडली की जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्हें तमाशा सम्राज्ञी का खिताब मिला. कई दशकों के दौरान उन्हें कई बड़े सम्मान मिले, जिनमें 1957 और 1990 में मिला राष्ट्रपति पुरस्कार भी शामिल है.
इतनी लोकप्रियता और तारीफ मिलने के बावजूद, विठाबाई को जिंदगी के बाद के दौर में काफी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा. 4 दिसंबर की नई तारीख़ तय होने के साथ ही, ईठा को लेकर दर्शकों में काफ़ी उत्सुकता बढ़ गई है.

