संयुक्त राष्ट्र। इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के 57 देशों ने इजराइल की UN सदस्यता रद्द करने की मांग की है। उन्होंने गाजा पर कब्जे और ग्रेटर इजराइल की नीति का विरोध किया। गाजा में एक अस्पताल पर हुए हमले में 20 की मौत हुई थी, ट्रंप ने इसकी निदी की है और नेतन्याहू ने दुख जताया। इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के विदेश मंत्रियों ने सऊदी अरब के जेद्दाह में मीटिंग की। OIC के 57 सदस्य देशों ने इजराइल की संयुक्त राष्ट्र में सदस्यता रद्द करने की मांग की। इन देशों ने कहा कि इजराइल सदस्यता की शर्तों का उल्लंघन कर रहा है।
OIC के विदेश मंत्रियों ने गाजा पर इजराइल के कब्जे और पूर्ण सैन्य नियंत्रण की घोषणा का विरोध किया। इन देशों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा की सुरक्षा परिषद से अगले सितंबर में एक स्पेशल सेशन आयोजित करने की मांग की।
OIC ने ग्रेटर इजराइल के कॉन्सेप्ट का विरोध किया। इन बयानों को उकसावे और देशों की संप्रभुता पर हमला बताया। संगठन ने कहा कि ऐेसे बयान अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन करते हैं। साथ ही क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।
ट्रंप ने इजराइली हमले की निंदा की
इजराइल ने सोमवार को गाजा के एक अस्पताल पर एयरस्ट्राइक की थी। हमले में 5 पत्रकार समेत 20 लोग मारे गए थे। ट्रंप ने कहा कि वे इससे खुश नहीं हैं। अस्पताल पर लगातार 2 हमले हुए, इस दौरान पत्रकार हमले की कवरेज कर रहे थे।
नेतन्याहू ने घटना को लेकर माफी मांगी
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घटना को दुखद हादसा बताया और माफी मांगी। नेतन्याहू ने कहा कि इजराइल पत्रकारों, चिकित्साकर्मियों और सभी नागरिकों के काम को महत्व देता है, सेना इस घटना की जांच कर रही है।
वहीं इजराइली आर्मी ने अपनी गलती स्वीकार की। इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) की प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा, हमें इस घटना की जानकारी है। IDF जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बनाता।
जंग में 192 पत्रकार मारे जा चुके
पत्रकारों की सुरक्षा समिति (CPJ) के मुताबिक, 22 महीने से इजराइल-हमास जंग में कम से कम 192 पत्रकार मारे गए हैं, जिनमें 189 फिलिस्तीनी हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, गाजा में इजराइली हमलों में मेडिकल प्रोफेशन से जुड़े 1,500 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।