तारिक रहमान की सरकार में शेख हसीना को एक और राहत, मुकदमे से जुड़े सरकारी वकील हटे

ढाका, एजेंसी। तारिक रहमान की सरकार आते ही बांग्लादेश की सियासत में शेख हसीना को राहत मिलनी शुरू हो गई है। पहले उनकी पार्टी की गतिविधियां शुरू हो गई है। वहीं अब शेख हसीना के खिलाफ जिस अंतरराष्ट्रीय आपराधिक ट्रिब्यूनल (ICT) में मुकदमा चल रहा है। सरकार ने उसके अभियोजक (सरकारी वकील) को बदल दिया है। बांग्लादेश की सरकार ने एक फैसले में ताजुल इस्लाम को ICT के मुख्य अभियोजक पद से हटा दिया है।
प्रथम आलो के मुताबिक ताजुल इस्लाम की जगह पर अमीनुल इस्लाम को बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय आपराधिक ट्रिब्यूनल का मुख्य अभियोजक नियुक्त किया गया है। एक वक्त में अमीनुल को शेख हसीना का काफी करीबी माना जाता था। शेख हसीना की सरकार में अमीनुल अभियोजक पद पर तैनात थे।
शेख हसीना के लिए राहत क्यों है?
1। शेख हसीना के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक ट्रिब्यूनल में 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। 2 मुकदमों में उन्हें सजा भी सुनाई जा चुकी है। शेख हसीना के खिलाफ अधिकांश मुकदमे भ्रष्टाचार और नरसंहार के दर्ज हैं। ऐसे में इस कोर्ट में सरकारी वकील के तौर पर उनके करीबी की नियुक्ति उनके लिए एक बड़ी राहत है।
2। ताजुल इस्लाम को शेख हसीना का धुर विरोधी माना जाता था। ताजुल लगातार शेख हसीना के खिलाफ आक्रामक थे। ताजुल मीडिया में भी शेख हसीना के खिलाफ लगातार नैरेटिव सेट कर रहे थे। अब जिस तरीके से उन्हें हटाया गया है, उसे शेख हसीना के लिए राहत माना जा रहा है।
हसीना को लेकर नई सरकार का रूख
बीएनपी की नई सरकार यूनुस सरकार की तरह शेख हसीना को लेकर आक्रामक रूख अख्तियार नहीं कर रही है। बीएनपी के महासचिव और सरकार में कद्दावर मंत्री मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर के मुताबिक शेख हसीना के मुद्दे से हम आगे बढ़ना चाहते हैं। शेख हसीना हमारे लिए अब कोई विशेष मुद्दा नहीं है।
तारिक रहमान के शपथ लेते ही शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग के दफ्तर फिर से खुलने लगे। कई इलाकों में आवामी लीग के नेता सक्रिय हो गए। द गार्जियन के मुताबिक आवामी लीग के बड़े नेता भी फिर से मैदान में सक्रिय होने के लिए तैयार हैं।

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