मेड इन अमेरिका के फर्जी दावों पर ट्रंप की सख्ती, नया कार्यकारी आदेश जारी

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश (एग्जीक्यूटिव ऑर्डर) पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य उन कंपनियों और विक्रेताओं पर कार्रवाई करना है जो अपने उत्पादों को गलत तरीके से मेड इन अमेरिका बताकर बेचते हैं।
 इस आदेश के तहत संघीय एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे उन निर्माताओं और ऑनलाइन विक्रेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें जो झूठे तरीके से अपने उत्पादों को अमेरिकी निर्मित बताकर प्रचारित करते हैं।
व्हाइट हाउस के अनुसार यह कदम उपभोक्ताओं और उन व्यवसायों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है जो वास्तव में अमेरिका में ही अपने उत्पादों का निर्माण करते हैं।
आदेश में कहा गया है कि अमेरिकी नागरिकों को यह जानने का अधिकार है कि जिन उत्पादों का प्रचार ‘मेड इन अमेरिकाÓ के रूप में किया जा रहा है, वे वास्तव में संयुक्त राज्य अमेरिका में ही बने हैं या नहीं।
नए आदेश के तहत फेडरल ट्रेड कमिशन (एफटीसी) के अध्यक्ष को ऐसे मामलों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया है जिनमें उत्पादों पर मेड इन अमेरिका, मेड इन द यूएसए या इसी तरह के दावे किए जाते हैं।
इसके अलावा एफटीसी ऑनलाइन मार्केटप्लेस के लिए नए नियम भी प्रस्तावित कर सकता है। आदेश के मुताबिक, यदि कोई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म किसी उत्पाद के देश-उत्पत्ति (कंट्री ऑफ ओरिजन) के दावों की पुष्टि नहीं करता, तो इसे अमेरिकी कानून के तहत भ्रामक या अनुचित व्यापारिक व्यवहार माना जा सकता है।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम डिजिटल मार्केटप्लेस के तेजी से बढ़ते दौर में सामने आई समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। कई विदेशी निर्माता और विक्रेता देशभक्ति की भावना को लक्ष्य बनाते हुए अपने उत्पादों को अमेरिकी निर्मित बताकर बेचते हैं, जबकि वास्तव में वे अन्य देशों में बने होते हैं।
व्हाइट हाउस के अनुसार ऐसे झूठे दावे उपभोक्ताओं को गुमराह करते हैं और उन अमेरिकी कंपनियों को नुकसान पहुंचाते हैं जो अपने उत्पादों का निर्माण देश के भीतर करती हैं।
नए आदेश में संघीय सरकारी खरीद (फेडरल प्रोक्योरमेंट) पर भी सख्ती की बात कही गई है। सरकारी अनुबंधों का प्रबंधन करने वाली एजेंसियों को समय-समय पर उन उत्पादों के देश-उत्पत्ति के दावों की समीक्षा करनी होगी जो संघीय सरकार को बेचे जाते हैं।
यदि कोई विक्रेता अमेरिकी मूल का झूठा दावा करता पाया गया, तो उसके उत्पादों को सरकारी खरीद सूची से हटा दिया जाएगा और कंपनी को संभावित कार्रवाई के लिए डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस को भी भेजा जा सकता है।
व्हाइट हाउस ने कहा कि इस आदेश का उद्देश्य उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत करना और अमेरिका में निर्माण करने वाली कंपनियों की सुरक्षा करना है।
प्रशासन का कहना है कि यह कदम घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की व्यापक आर्थिक नीति का हिस्सा है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी ट्रंप ने बाय अमेरिकन एंड हायर अमेरिकन जैसी नीतियों को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यकारी आदेश जारी किए थे और स्टील, एल्युमिनियम, कॉपर तथा ऑटो सेक्टर जैसे क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए टैरिफ का इस्तेमाल किया था।

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