इलाहाबाद हाईकोर्ट से योगी सरकार को बड़ी राहत, महाकुंभ भगदड़ की सीबीआई जांच की याचिका खारिज

प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महाकुंभ में हुई भगदड़ मामले की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। यह याचिका योगेंद्र पाण्डेय और अन्य द्वारा जनहित में दाखिल की गई थी। याचिका में मांग की गई थी कि महाकुंभ के दौरान 2021 में हुए भगदड़ के मामले की सीबीआई जांच कराई जाए, ताकि घटना के दोषियों को सजा मिल सके और ऐसी घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके। कोर्ट ने इस याचिका को “औचित्यहीन” करार देते हुए खारिज कर दिया। चीफ जस्टिस अरुण भंसाली और डिविजन बेंच ने इस मामले में सुनवाई करते हुए 11 मार्च को अपना फैसला सुरक्षित रखा था, और अब उन्होंने याचिका को खारिज कर दिया है। यह फैसला योगी सरकार के लिए एक बड़ी राहत के रूप में सामने आया है, क्योंकि सीबीआई जांच की मांग ने पहले ही इस मुद्दे को सार्वजनिक ध्यान में लाकर सरकार के लिए कठिनाइयाँ पैदा कर दी थीं। कोर्ट का यह निर्णय सरकार की स्थिति को मजबूत करता है और उसे इस मामले में और कोई जांच की आवश्यकता नहीं समझी गई है। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया था, जब महाकुंभ के दौरान भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हो गए थे। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के बाद, इस मुद्दे पर और कोई कानूनी कार्रवाई की संभावना कम होती दिख रही है।

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