देश की विशाल आबादी का लाभ उठाने के लिए 10 करोड़ नौकरियां पैदा करने की जरूरत है। उद्योग जगत के वरिष्ठ नेताओं के एक समूह ने हंड्रेड मिलियन जॉब्स नामक राष्ट्रीय पहल की घोषणा की है। इसका उद्देश्य अगले दशक में देश में 10 करोड़ नौकरियां सृजित करना है। भारत तेज आर्थिक विकास के बावजूद अपर्याप्त रोजगार की समस्या से जूझ रहा है।
भारत की कामकाजी आबादी हर साल 1.2 करोड़ बढ़ रही है
पहल की घोषणा नैसकॉम के सह-संस्थापक हरीश मेहता, द इंडस एंटरप्रेन्योर्स (टीआईई) के संस्थापक ए जे पटेल और सेंटर फॉर इनोवेशन इन पब्लिक पॉलिसी (सीआईपीपी) के संस्थापक के यतीश राजवत ने की। संस्थापकों ने कहा, भारत की कामकाजी आबादी हर साल 1.2 करोड़ बढ़ रही है। विनिर्माण जैसे पारंपरिक रोजगार स्रोतों के विस्तार में कठिनाई हो रही है। नए प्रवेशकों को समायोजित करने और विशाल आबादी का लाभ उठाने के लिए देश को सालाना 8-9 करोड़ नौकरी सृजन की जरूरत है।
ऑटोमेशन और एआई व्यापार मॉडल को नया रूप दे रहे हैं
सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था होने के बावजूद भारत में रोजगार वृद्धि उत्पादन विस्तार की तुलना में धीमी रही है। ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) व्यापार मॉडल को नया रूप दे रहे हैं। ये सभी क्षेत्रों में शुरुआती स्तर के पदों को कम कर रहे हैं। इससे इस बात को लेकर चिंता बढ़ रही है कि आर्थिक विकास व रोजगार सृजन के बीच अंतर और भी गहरा हो सकता है।
पांच साल में दो लाख से अधिक नौकरियां खत्म कर सकता है एआई
2025 में प्रौद्योगिकी उद्योग ने एआई के कारण उत्पन्न व्यवधान और छंटनी का सामना किया। अगर भविष्यवाणियां सच होती हैं, तो अगला उद्योग जहां नौकरियों में कटौती देखने को मिल सकती है, वह बैंकिंग क्षेत्र हो सकता है। अनुमान के मुताबिक, एआई को तेजी से अपनाने और शाखाएं बंद करने से अगले पांच वर्षों में दो लाख से अधिक यूरोपीय बैंकिंग नौकरियां खत्म हो सकती हैं। मॉर्गन स्टेनली का अनुमान है कि यूरोपीय बैंक 2030 तक 10 फीसदी नौकरियां कम कर सकते हैं।
छोटे-मझोले उद्यम सबसे बड़े नियोक्ता
राजावत ने भारत की रोजगार समस्या को प्रणालीगत चुनौती बताया। कहा, यह मिशन सात स्तंभों वाले ढांचे पर आधारित है, जिसे विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए डिजाइन किया गया है। स्टार्टअप और लघु उद्यम सबसे बड़े नियोक्ता हैं। उन्हें बड़े शहरों से आगे बढ़कर विस्तार करना होगा।
प्रणाली आधारित प्रयास
मेहता ने कहा, 10 करोड़ नौकरी एक प्रणालीगत प्रयास है। इसका उद्देश्य कौशल, उद्यम, डाटा और नीति समन्वय से रोजगार सृजनकर्ताओं उद्यमियों और नियोक्ताओं को सशक्त बनाना है।
बड़ी आबादी का लाभ उठाने के लिए 10 करोड़ नई नौकरियां जरूरी, नैसकॉम समेत तीन संगठनों ने शुरू की पहल

