नई दिल्ली। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पहली ड्राफ्ट लिस्ट में 12 जीवित लोगों को मृत दिखाया गया है। इसी महीने एसआईआर की पहली ड्राफ्ट लिस्ट जारी की गई है, जिसमें 65 लाख लोगों को शामिल नहीं किए जाने का मुद्दा कोर्ट में उठाया गया।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच ने मंगलवार (12 अगस्त, 2025) को फिर से इस मामले में सुनवाई की। कपिल सिब्बल ने कोर्ट में कहा कि लिस्ट में 12 जीवित लोगों को मृत बताया गया है, जिस पर चुनाव आयोग की ओर से पेश हुए वकील रावेश द्विवेदी ने कहा, ‘इतनी विस्तृत प्रक्रिया में छोटी गलतियां संभव हैं। अंतिम लिस्ट में सुधार हो जाएगा।’
कोर्ट ने कहा- पीड़ित लोगों की लिस्ट दो
लाइव लॉ की लिस्ट के अनुसार कपिल सिब्बल की दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि पीड़ित लोग कहां हैं, उनकी लिस्ट दीजिए। अगर किसी को मृत घोषित किया गया और वो जीवित है तो हम चुनाव आयोग से पूछेंगे। इस पर कपिल सिब्बल ने कहा कि हर बूथ पर गड़बड़ी हो रही है, ऐस में हम पीड़ितों का पता कैसे लगाएंगे। तब जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘लेकिन आप एसआईआर की शुरुआत पर ही सवाल उठा रहे हैं।’ इस पर कपिल सिब्बल ने कहा, ‘मैं बस यह कह रहा हूं कि वे इस तरह नहीं कर सकते हैं।’
65 लाख लोगों को लिस्ट से बाहर रखने का मुद्दा भी उठा
इस दौरान एडवोकेट गोपाल शंकरनारायण ने कोर्ट की टिप्पणी का जिक्र करते हुए कहा कि आपने कहा था कि अगर बड़ी संख्या में लोगों को लिस्ट से हटाया गया तो दखल देंगे। 65 लाख लोग बाहर हैं। इस पर जज ने कहा कि स्थिति क्या है, यह बहस के दौरान पता चलेगा। कपिल सिब्बल ने कोर्ट में यह भी कहा कि किसी का नागरिक और क्षेत्र का निवासी होना पर्याप्त है। इसके लिए आधार कार्ड में दर्ज जानकारी नियमों के मुताबिक मान्य है।
सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग के वकील राकेश द्विवेदी ने यह भी कहा कि कुछ और नई याचिकाएं दाखिल हुई हैं, जिनका जवाब नहीं दिया जा सका है। उन्होंने कहा कि सोमवार को दस्तावेजों के साथ कुछ आईए दाखिल हुए हैं। वे 200 पेज हैं और उनका जवाब नहीं दिया जा सका। इस पर कोर्ट ने कहा कि कोई बात नहीं। जरूरत होगी, तो उसका समय दिया जाएगा।