नई दिल्ली । नेपाल में एक बार फिर से हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं। भारतीय सीमा से सटे नेपाल के पारसा और धनुषा जिलों में हालात बिगड़ने से पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। भारतीय सीमा भी सील कर दी गई है, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटित हो।
धनुषा जिले में मस्जिद में तोड़फोड़ से हिंसा की शुरुआत
धनुषा जिले के सखुवा मारान इलाके में कुछ असामाजिक तत्वों ने मस्जिद में तोड़फोड़ की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद इलाके में सांप्रदायिक हिंसा का माहौल पैदा हो गया। इस हिंसा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद और गहरा गया।
पारसा में हिंसक प्रदर्शन
पारसा के बीरगंज में विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए, जिसके बाद पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। बीरगंज, जो बिहार के रक्सौल जिले के पास स्थित है, में भीड़ ने सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी भी की, जिस पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर स्थिति को काबू में किया।
भारत-नेपाल सीमा सील की गई
बीरगंज और रक्सौल सीमा के पास स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जिस कारण भारतीय अधिकारियों ने अपनी सीमा भी सील कर दी है। यह कदम क्षेत्र में और बढ़ती हिंसा को देखते हुए लिया गया है।
हिंसा का कारण और सोशल मीडिया की भूमिका
नेपाल पुलिस के अनुसार, मस्जिद में तोड़फोड़ की घटना के बाद धार्मिक भावनाएं भड़क उठीं और दोनों समुदायों के बीच संघर्ष की स्थिति बन गई। सोशल मीडिया पर नफरत भरे संदेशों के वायरल होने के बाद, खासकर मुस्लिम समुदाय के कुछ युवाओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
स्थिति नियंत्रण में, लेकिन माहौल तनावपूर्ण
पुलिस ने हिंसा को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय किए, लेकिन तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर जल्द काबू पा लिया जाएगा, लेकिन फिलहाल पूरे क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती जारी है।

