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24 Jan 2026, Sat

अमेरिकी महिला का दावा: ट्रंप के अफसर नहीं दे रहे बयान, अब ऑन एयर किया जाएगा एक महीने पहले रोका गया ’60 मिनट्स’

वॉशिंगटन, एजेंसी। ’60 मिनट्स’ ने रविवार को ट्रंप प्रशासन की ओर से किए गए निर्वासन से जुड़ी अपनी उस खबर का प्रसारण किया, जिसे एक महीने पहले अचानक समाचार पत्रिका के कार्यक्रमों से हटा दिया गया था। इस कदम ने राजनीतिक दबाव को लेकर एक आंतरिक विवाद को जन्म दिया जो खुलकर सामने आ गया।
संवाददाता शैरीन अल्फोंसी ने अल साल्वाडोर की कुख्यात रूप से कठोर सीईसीओटी जेल में भेजे गए निर्वासितों के बारे में अपनी रिपोर्ट पेश की थी। सीबीएस न्यूज की प्रधान संपादक बारी वेइस के आदेश पर 21 दिसंबर को इसे हटा दिया गया था। तब अल्फोंसी ने अपने सहयोगियों से कहा था कि यह संपादकीय नहीं, एक सियासी फैसला था।
क्यों रोका गया 60 मिनट्स कार्यक्रम?
वेइस ने तर्क दिया था कि यह कहानी प्रशासन के नजरिये या अन्य समाचार संगठनों की ओर से पहले की गई अग्रिम रिपोर्टिंग को पर्याप्त तरीके से नहीं दर्शाती है। रविवार को दिखाई गई रिपोर्ट में ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के कोई भी ऑन-कैमरा साक्षात्कार शामिल नहीं थे। हालांकि, इसमें व्हाइट हाउस और गृह सुरक्षा विभाग के वे बयान शामिल थे जो अल्फोंसी की ओर से अपनी रिपोर्ट हटाए जाने से पहले इस्तेमाल किए गए बयानों का हिस्सा नहीं थे।
अल्फोंसी ने कहा, ‘नवंबर से ही 60 मिनट्स ने हमारी कहानी के बारे में ट्रंप प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों का कैमरे पर साक्षात्कार लेने के कई प्रयास किए हैं। उन्होंने हमारे अनुरोधों को अस्वीकार कर दिया।’ अल्फोंसी ने रविवार को एसोसिएटेड प्रेस के संदेश का जवाब नहीं दिया। उन्होंने अपने ईमेल में कहा कि प्रशासन की ओर से कैमरे के सामने साक्षात्कार देने से इनकार करना इस कहानी को दबाने के लिए रची गई एक रणनीतिक चाल थी।
सीबीएस बोला- कार्यक्रम को प्रसारित करने वाले थे
सीबीएस न्यूज़ ने एक बयान में कहा, ‘उसका नेतृत्व हमेशा से 60 मिनट्स के सीईसीओटी कार्यक्रम को तैयार होते ही प्रसारित करने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। आज रात दर्शक इसे अन्य महत्वपूर्ण खबरों के साथ देख सकेंगे, जो सभी सीबीएस न्यूज़ की स्वतंत्रता और हमारी कहानी कहने की शक्ति को दर्शाती हैं।’

By Aryavartkranti Bureau

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