तेहरान। ईरान में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। लगातार देश में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। ईरान में बढ़ते आर्थिक संकट पर लोगों का गुस्सा फूट रहा है। 28 दिसंबर से विरोध प्रदर्शन शुरू हुआ। इसी के बाद अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आने के बाद GEN-Z का जोश और भी हाई हो गया है।
अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी (HRANA) के अनुसार, ईरान में देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर रखी हैं। देश में विरोध की आग इतनी तेजी से बढ़ रही है कि सड़कों पर लोगों की भीड़ इकट्ठी है जो जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। आगजनी की जा रही है। इसी के साथ अब तक इन प्रदर्शनों में कम से कम 8 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
113 लोकेशन पर प्रदर्शन
देश में रविवार को आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और गिरती करेंसी के बाद लोगों का गुस्सा फूटा। तेहरान में लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दी। इसी के बाद सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। हालांकि, अब तेहरान में बाजार बंद होने के साथ शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन बढ़ता चला जा रहा है। अब तक 22 प्रांतों के 46 शहरों में स्थित 113 स्थानों तक यह आशांति फैल गई है।
ट्रंप ने दी चेतावनी
ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी सामने आया है। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाता है और उन्हें हिंसक तरीके से मारता है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा।
उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, हम पूरी तरह तैयार हैं और कार्रवाई के लिए तैयार हैं। इसी के बाद जहां देश के कई नेता ट्रंप के बयान के खिलाफ बोल रहे हैं। वहीं, दूसरी तरफ ट्रंप का बयान सामने आने के बाद GEN-Z का जोश हाई है। ईरानी कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने ट्रंप की चेतावनी के बाद ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान पर तीखा हमला किया है।
GEN-Z का जोश हाई
मसीह अलीनेजाद ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की आलोचना की, जिन्होंने कहा था कि वो ईरान के खिलाफ किसी भी अमेरिकी आक्रामकता का विरोध करेंगे। यह बयान उस समय आया, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों की हत्या की तो वॉशिंगटन कार्रवाई करेगा।
शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अलीनेजाद ने लिखा, खामेनेई और उसकी सेना ट्रिगर दबाती है और तुम तथाकथित सुधारवादी उसे सफेदपोशी देते हो। तुम्हें लोगों का खून बहाने से कोई समस्या नहीं है, तुम्हारी एकमात्र समस्या यह है कि कोई विदेशी देश इस अपराध को रोक देता है।
उन्होंने आगे लिखा, अब समझ में आया कि लोग तुमसे नफरत क्यों करते हैं? क्योंकि तुमने आधिकारिक तौर पर यह ऐलान कर दिया है कि किसी को भी ईरानी लोगों की हत्या रोकने का अधिकार नहीं है! इसका मतलब यह है कि तुम खुद हत्यारे और आक्रामक हो, मिस्टर पेजेशकियान!
तेज हो रहे प्रदर्शन
शुक्रवार में तेहरान के कई इलाकों में रात के समय विरोध प्रदर्शन जारी रहे हैं। दक्षिणी तेहरान के नाजियाबाद, राजधानी के पश्चिमी हिस्से के सत्तारखान और पूर्वी इलाकों नर्मक और तेहरानपार्स में विरोध प्रदर्शन रात के समय भी जारी रहे। तेहरान के एक इलाके में प्रदर्शनकारियों ने इस्लामिक रिपब्लिक का झंडा भी उतार दिया।
सबसे गंभीर हिंसा ईरान के लोरेस्तान प्रांत के अजना शहर में देखने को मिली, जो तेहरान से लगभग 300 किलोमीटर (185 मील) दक्षिण-पश्चिम में मौजूद है। वहां सामने आए ऑनलाइन वीडियो में सड़कों पर जलती हुई चीजें और गोलियों की आवाजें दी। जबकि लोग शर्म करो! शर्म करो! के नारे लगाते नजर आए।
क्यों हो रहे विरोध प्रदर्शन
ये विरोध प्रदर्शन (28 दिसंबर 2025) को तेहरान में शुरू हुए, जब दुकानदारों ने बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट के विरोध में हड़ताल कर दी। इसके बाद ये प्रदर्शन देश के अन्य हिस्सों में भी फैल गए। ईरानी करेंसी रियाल गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया एक डॉलर के मुकाबले 14।2 लाख रियाल तक। इसी के बाद लोग भड़क गए और कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी। साथ ही सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर में महंगाई दर 42।2 फीसदी तक पहुंच गई, जो नवंबर से 1।8 फीसदी ज्यादा है। खाने-पीने की चीजों की कीमतें पिछले साल की तुलना में 72 फीसदी बढ़ गईं, जबकि स्वास्थ्य और दवाइयों से जुड़ी चीजें 50 फीसदी महंगी हो गईं।

