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7 Jan 2026, Wed

पर्व-त्योहारों और माघ मेला को लेकर मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा, सुरक्षा व सुविधाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार सायं आगामी पर्व-त्योहारों तथा माघ मेला के दृष्टिगत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जनपदों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय सुरक्षा एवं व्यवस्थागत समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और आयोजन की सुचारू व्यवस्था राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।
मुख्यमंत्री ने प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, चित्रकूट, हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर, मथुरा-वृंदावन, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर सहित माघ मेला से जुड़े सभी प्रमुख जनपदों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के आवागमन की समुचित व्यवस्था की जाए। घाटों और मंदिर परिसरों की नियमित स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, प्रभावी कंट्रोल रूम, भीड़ प्रबंधन तथा मेला क्षेत्र में प्रवेश और निकास की सुगम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में अराजकता को बढ़ावा न मिले और सभी श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में स्नान व पूजा-अर्चना कर सकें।प्रयागराज में पौष पूर्णिमा के अवसर पर अनुमानित 15 से 25 लाख श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं को विशेष रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अस्पतालों में पर्याप्त व्यवस्था, मेडिकल स्टाफ की तैनाती, एम्बुलेंस, स्वच्छ शौचालय, पेयजल तथा महिला सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही घाटों पर गोताखोरों की पर्याप्त तैनाती रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तत्काल निपटा जा सके।महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध एवं अराजक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। किसी भी महिला श्रद्धालु को असुविधा या भय का सामना न करना पड़े, यह प्रशासन सुनिश्चित करे।नगर विकास एवं पंचायती राज विभाग को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जनपदों में स्वच्छता अभियान को तेज किया जाए।
विशेष रूप से मलिन बस्तियों में व्यापक साफ-सफाई और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे संक्रामक रोगों की संभावना को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।भीषण शीतलहर को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों की पर्याप्त व्यवस्था, अलाव जलाने तथा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोई भी व्यक्ति खुले आसमान के नीचे सोने के लिए विवश न हो। पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए और जरूरतमंदों को रैन बसेरों तक पहुंचाया जाए।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी वरिष्ठ अधिकारी रात्रि में ही मेला स्थलों का निरीक्षण करें और अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों को सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दें। नदी में तेज बहाव या अधिक गहराई की स्थिति में बैरिकेडिंग लगाकर सुरक्षा पुख्ता की जाए। किसी भी नाविक द्वारा श्रद्धालुओं से मनमाना शुल्क वसूलने की अनुमति नहीं होगी।उन्होंने तीर्थ स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर नाव संचालन, होटल एवं अन्य सेवाओं में मनमानी वसूली पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड पर उतरकर यह सुनिश्चित करें कि किसी प्रकार की अवैध वसूली न हो। संगठनों के नाम पर अराजकता फैलाने, गुंडागर्दी करने या प्रशासन पर दबाव बनाने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जनपदों को बाढ़ बचाव योजना पर कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि अगले दस दिनों में इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव के माध्यम से सूचित किया जाए।

भूमि कब्जा करने वाले माफिया और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की भूमि और संपत्ति की सुरक्षा राज्य सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।उन्होंने जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल देते हुए कहा कि जिला स्तर पर नियमित जनसुनवाई आयोजित कर शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए। इसमें लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।बैठक में लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए कि जिला मुख्यालयों, सर्किट हाउस, तहसील और ब्लॉक मुख्यालयों के समीप स्थायी हेलीपैड के लिए भूमि चिन्हित कर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में अस्थायी व्यवस्थाओं पर निर्भरता न रहे। साथ ही सड़कों पर जाम की समस्या पर संज्ञान लेते हुए अवैध टैक्सी स्टैंड, बस स्टैंड और वेंडरों को हटाकर उन्हें निर्धारित स्थलों पर व्यवस्थित करने के निर्देश दिए गए, जिससे यातायात सुचारू हो और आमजन को राहत मिले। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ युद्धस्तर पर कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि पर्व-त्योहारों तथा माघ मेला के दौरान प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सुव्यवस्था का वातावरण बना रहे।

By Aryavartkranti Bureau

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