लेटेस्ट न्यूज़
13 Mar 2026, Fri

आईईए के रिजर्व जारी करने की रिपोर्ट्स के बीच कच्चे तेल की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे लुढ़की

नई दिल्ली, एजेंसी। कच्चे तेल की कीमत में बुधवार को गिरावट देखने को मिली और यह 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे फिसल गया है। इसकी वजह आईईए द्वारा इमरजेंसी रिजर्व जारी कर कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने के प्रस्ताव को माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी-ईरान युद्ध के बाद बढ़ी हुई कच्चे तेल की कीमतों को कम करने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (आईईए) इमरजेंसी रिजर्व से कच्चे तेल की आपूर्ति पर विचार कर रहा है।
कई रिपोर्ट्स के अनुसार, इमरजेंसी रिजर्व से प्रस्तावित आपूर्ति 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर आक्रमण के बाद दो चरणों में जारी किए गए 182 मिलियन बैरल से अधिक होगी। जी7 देशों ने आईईए से इस तरह के कदम के लिए तैयार रहने का अनुरोध किया है। इन रिपोर्ट्स के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.99 प्रतिशत गिरकर 86.93 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) वायदा 0.75 प्रतिशत गिरकर 82.82 डॉलर हो गया।
हाल के दिन में होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के कारण ब्रेंट क्रूड में करीब 50 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई थी और यह 119 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया था। होर्मुज जलडमरूमध्य, मध्य पूर्व में प्रमुख समुद्री व्यापारिक मार्ग पर स्थित एक संकरा रास्ता है, जिससे दुनिया का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल होकर जाता है। कच्चे तेल में गिरावट की एक वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान को माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका का ईरान के साथ युद्ध जल्द समाप्त हो सकता है।
हालांकि, अमेरिका-ईरान युद्ध दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और समाधान के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें बिछाने या उनकी तैयारी में जुटे होने की खबरों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है। मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, अगर ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में कोई बारूदी सुरंगें बिछाई हैं और हमारे पास इसकी कोई रिपोर्ट नहीं है, तो हम चाहते हैं कि उन्हें तुरंत हटाया जाए! उन्होंने आगे कहा कि बारूदी सुरंगों को हटाना सही दिशा में एक बड़ा कदम होगा!

By Aryavartkranti Bureau

आर्यावर्तक्रांति दैनिक हिंदी समाचार निष्पक्ष पत्रकारिता, सामाजिक सेवा, शिक्षा और कल्याण के माध्यम से सामाजिक बदलाव लाने की प्रेरणा और सकारात्मकता का प्रतीक हैं।