मुंबई, एजेंसी। महाराष्ट्र की सत्ताधारी शिवसेना में अंदरूनी तौर पर बेचैनी की खबरें सामने आ रही हैं, हालांकि विपक्षी नेताओं ने इसे मात्र अटकलें करार दिया है। हाल के दिनों में ऐसी रिपोर्टें सामने आई हैं कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना (यूबीटी) के कुछ नेता एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल हो सकते हैं, जिसे ‘ऑपरेशन टाइगर’ का नाम दिया जा रहा है। विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने इन दावों को निराधार बताते हुए कहा है कि राज्य में निकट भविष्य में किसी बड़े राजनीतिक उलटफेर की संभावना नहीं है।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि सत्ता में होने के बावजूद शिवसेना में, जिसमें एकनाथ शिंदे और उनके मंत्री जैसे शीर्ष नेता भी शामिल हैं, एक तरह की असहजता दिखाई दे रही है। जब उनसे पूछा गया कि क्या शिंदे ने हाल ही में शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों से मुलाकात की है और क्या उद्धव ठाकरे की पार्टी का एक हिस्सा सत्ताधारी शिवसेना में शामिल हो सकता है, तो उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के लिए सत्ताधारी गठबंधन के मंत्रियों से मिलना सामान्य है। उन्होंने किसी भी राजनीतिक पुनर्गठन की संभावना से इनकार किया। वडेट्टीवार ने यह भी कहा कि हवा में उड़ रहे सभी दावे जमीनी हकीकत को नहीं दर्शाते।
एनसीपी नेता ने भी बताया कल्पना
एनसीपी (एसपी) के नेता और पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ के अस्तित्व पर ही सवाल उठाया और इसे अटकलबाजी करार दिया। उन्होंने दावा किया कि उद्धव ठाकरे की पार्टी के सभी सांसद एकजुट हैं और अपने नेता का पुरजोर समर्थन करते हैं। देशमुख के अनुसार, इस एकजुटता को देखते हुए निकट भविष्य में किसी बड़े राजनीतिक उथल-पुथल या पार्टी विभाजन की संभावना बहुत कम है।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने किया खंडन
हालांकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, जो सत्ताधारी शिवसेना का नेतृत्व करते हैं, ने शुक्रवार को इन रिपोर्टों को बेबुनियाद बताया और कहा कि ऐसी अफवाहों का उद्देश्य केवल सनसनी फैलाना है।
महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर की चर्चा तेज, विपक्ष बोला- अफवाह, शिवसेना में अंदरूनी असहजता के संकेत

