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1 Jan 2026, Thu

अब फिल्मों को चिल्लाने की जरूरत नहीं, दर्शक बारीकियों को समझने लगे हैं: वामिका गब्बी

अभिनेत्री वामिका गब्बी का मानना है कि पिछले कुछ दशकों में भारतीय सिनेमा में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि दर्शक अब बारीकियों को समझने लगे हैं। वामिका ने बताया कि अब कहानी कहने को वह सम्मान और जगह मिल रही है, जिसकी वह हकदार थी। 21वीं सदी की पहली तिमाही खत्म होने पर उन्होंने समकालीन सिनेमा की तारीफ करते हुए कहा, अब शांत और बारीक कहानियां भी दर्शकों तक पहुंच रही हैं, जिन्हें असर डालने के लिए जोर-जोर से चिल्लाने की जरूरत नहीं पड़ती। मेरे लिए सबसे बड़ी बात यह है कि कहानी कहने को कितनी जगह मिली है। पिछले कुछ दशकों ने शांत कहानियों, कमजोर किरदारों और ऐसी भावनाओं को जगह दी है, जिन्हें सुनाने के लिए चिल्लाना नहीं पड़ता। अभिनेत्री वामिका गब्बी का कहना है कि आज का भारतीय सिनेमा पहले से ज्यादा समावेशी और संवेदनशील हो गया है। वह मानती हैं कि आने वाले समय में यह और भी बेहतर होगा, क्योंकि दर्शक अब गहरी और बारीक कहानियों को सराहने लगे हैं। सिनेमा अब मनोरंजन तक सीमित नहीं है।
उन्होंने आगे बताया कहा, टेक्नोलॉजी ने फिल्मों को तेजी से और ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद की, लेकिन असली बदलाव दर्शकों का भरोसा है। आज का दर्शक बारीकियों और जटिलता को समझने के लिए तैयार है। अब ऐसी परफॉर्मेंस और कहानियां जगह बना रही हैं जो धीरे-धीरे खुलती हैं और लंबे समय तक याद रहती हैं।
वामिका के अनुसार, यह बदलाव सिनेमा को नई दिशा दे रहा है।
वामिका गब्बी ने अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत करीना कपूर और शाहिद कपूर की फिल्म जब वी मेट से की थी। इसके बाद पंजाबी सिनेमा में कई फिल्में कर खुद को लीडिंग अभिनेत्री के रूप में स्थापित किया। वामिका तमिल, मलयालम समेत अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं।

By Aryavartkranti Bureau

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