‘अगर मोदी-ट्रंप अच्छे दोस्त तो फिर ऐसा क्यों होने दिया?’ अमेरिका से निर्वासन मसले पर प्रियंका

नई दिल्ली, एजेंसी। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीयों को निर्वासित करने के तरीके को लेकर सरकार की आलोचना की। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर को इस मुद्दे पर जवाब देना चाहिए। 104 अवैध भारतीय अप्रवासियों को लेकर बुधवार को एक अमेरिकी सैन्य विमान अमृतसर में उतरा था। अवैध अप्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई के तहत डोनाल्ड ट्रंप सरकार की ओर से निर्वासित भारतीयों का यह पहला ऐसा जत्था था।
निर्वासित लोगों ने दावा किया कि पूरी यात्रा के दौरान उनके हाथ-पैरों में हथकड़ी बंधी रही और अमृतसर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद ही उन्हें खोला गया। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा, ‘बहुत सी बातें कही गईं कि मोदी जी और ट्रंप जी बहुत अच्छे दोस्त हैं। मोदी जी ने ऐसा क्यों होने दिया, क्या हम उन्हें लाने के लिए अपना विमान नहीं भेज सकते थे।’
उन्होंने कहा, ‘क्या लोगों के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए कि उन्हें हथकड़ी और जंजीरों में बांधकर वापस भेजा जाए।’ यह पूछे जाने पर कि क्या विदेश मंत्री को जवाब देना चाहिए? उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए। क्या यही तरीका है?’
विपक्ष ने सरकार की चुप्पी की आलोचना की
कई विपक्षी सांसदों ने भी सरकार की आलोचना की और उनके साथ किए जा रहे व्यवहार पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि जिस तरह से भारतीयों को वापस लाया गया, वह सरकार की कमजोरी का प्रमाण है। उन्होंने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘जिस तरह से महिलाओं के साथ व्यवहार किया गया और उन्हें अपराधियों की तरह हथकड़ी लगाकर वापस लाया गया। हम देश का अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे।’ उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए देश की प्रतिष्ठा से ज्यादा उनकी व्यक्तिगत छवि महत्वपूर्ण है। यह एक काला दिन है। प्रधानमंत्री चुप हैं।
चिराग पासवान का विपक्ष को जवाब
विपक्ष के हमलों के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि सरकार उचित समय पर अपने विचार रखेगी। उन्होंने कहा, ‘यह एक नीतिगत फैसला है और विपक्ष को इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए।’

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