विक्रम सिंह की हत्या पर राहुल गांधी का सवाल- अमित शाह का MHA और दिल्ली पुलिस क्या कर रही है?

नई दिल्ली, एजेंसी। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मणिपुर के 54 वर्षीय संगीतकार और म्यूजिक शिक्षक चोंगथम विक्रम सिंह की हत्या की जल्द और निष्पक्ष जांच की मांग की है। दिल्ली के किलोकारी गांव में उनके घर के बाहर शोर-शराबे को लेकर हुए विवाद के बाद कथित तौर पर कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया था। गंभीर चोटों के चलते उनकी मौत हो गई।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विक्रम सिंह अपने घर के बाहर हो रहे शोर को कम करने के लिए कुछ लोगों से बात करने नीचे गए थे, लेकिन कथित तौर पर उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया।

उन्होंने सवाल उठाया कि राजधानी दिल्ली में रहने वाले पूर्वोत्तर राज्यों के लोगों की सुरक्षा को लेकर सरकार क्या कदम उठा रही है। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद दिल्ली में रहने वाले हर नॉर्थ-ईस्ट परिवार के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या वे राजधानी में सुरक्षित हैं। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस से बढ़ती अराजकता, खासकर नॉर्थ-ईस्ट के लोगों के खिलाफ होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

राहुल गांधी ने मामले की जल्द जांच कर दोषियों को सजा दिलाने की मांग करते हुए विक्रम सिंह के परिवार के प्रति संवेदना भी जताई।

पवन खेड़ा ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

कांग्रेस के राज्यसभा सांसद पवन खेड़ा ने भी इस घटना को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कानूनों को सख्ती से लागू नहीं किए जाने के कारण ऐसा माहौल बन रहा है, जिसमें लोगों को गलत काम करने का डर नहीं रह गया है।

खेड़ा ने कहा कि विक्रम सिंह ने अपने घर के सामने कथित तौर पर हो रहे शोर-शराबे और उपद्रव पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे केवल नशे में हुई हिंसा की एक अलग घटना मानकर नजरअंदाज करने के खिलाफ चेताया।

उनका आरोप है कि तेज आवाज में डीजे बजाने, सार्वजनिक स्थानों पर हंगामा करने और नियमों की अनदेखी जैसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कानून के प्रति लोगों में डर कम हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार ने भले ही विक्रम सिंह पर हमला नहीं किया हो, लेकिन ऐसे माहौल की जिम्मेदारी से वह बच नहीं सकती, जिसमें इस तरह की हिंसा को बढ़ावा मिलता है।

शोर-शराबे का विरोध करने पर हुआ था हमला

पुलिस के अनुसार, विक्रम सिंह ने अपने घर के सामने डिलीवरी बॉय और ढाबे के कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर किए जा रहे शोर-शराबे और उपद्रव पर आपत्ति जताई थी। विरोध करने के लिए जब वह घर से बाहर आए, तो कथित तौर पर उन पर घूंसे और लातों से हमला किया गया।

विक्रम सिंह के बेटे याइफाबा उन्हें इलाज के लिए होली फैमिली अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, इलाज के दौरान चोटों के कारण उनकी मौत हो गई। घटना के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।