लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही राम मंदिर के चंदे को लेकर सियासत गरमा गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज राम मंदिर के लिए मिले दान के प्रबंधन पर सवाल उठा रहे हैं, वही पहले मंदिर निर्माण का विरोध करते थे और राम भक्तों के खिलाफ कार्रवाई करते थे।
‘राम भक्तों पर गोली चलाने वाले आज सवाल पूछ रहे हैं’
मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना किसी दल का नाम लिए कहा कि अयोध्या का मुद्दा वही लोग उठा रहे हैं, जिन्होंने अतीत में राम भक्तों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों ने कानूनी अड़चनें खड़ी कर राम मंदिर निर्माण में भी देरी कराने की कोशिश की थी।
‘दान पर सवाल, लेकिन खुद एक पैसा नहीं दिया’
योगी ने कहा कि विपक्ष मंदिर के लिए मिले चंदे में गड़बड़ी के आरोप लगा रहा है, जबकि मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने अपनी जेब से एक पैसा भी नहीं दिया। उन्होंने कहा कि देश और दुनिया विपक्ष के इस दोहरे रवैये को देख रही है।
सपा का विधानसभा के बाहर प्रदर्शन
मुख्यमंत्री की यह प्रतिक्रिया उस समय आई जब समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने विधानसभा के पहले दिन परिसर के बाहर प्रदर्शन किया। सपा नेताओं ने राम मंदिर चंदा प्रबंधन में कथित गड़बड़ी, नीट पेपर लीक, बिजली संकट और खाद की कमी जैसे मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
शिवपाल यादव ने सरकार को घेरा
सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने केवल तीन दिन का विधानसभा सत्र बुलाए जाने पर सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्य में कई गंभीर समस्याएं हैं, लेकिन सरकार उन पर चर्चा से बच रही है। प्रदर्शन के दौरान सपा विधायकों ने “चंदा चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए और भाजपा सरकार पर जनता के मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
सरकार का जवाब
विपक्ष के आरोपों पर उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि समाजवादी पार्टी के पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है और वह केवल राजनीतिक मुद्दे खड़े करने की कोशिश कर रही है। वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी विपक्ष पर जनहित के मुद्दों के बजाय राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझने का आरोप लगाया।

