नई दिल्ली, एजेंसी। वैश्विक प्रतिबंधों और तमाम चुनौतियों के बावजूद स्मार्टफोन निर्माता कंपनी हुआवेई ने एक बार फिर बाजार में अपनी बादशाहत साबित कर दी है। कंपनी की हाल ही में लॉन्च हुई ‘हुआवेई मेट 80 सीरीज’ ने चीन के स्मार्टफोन बाजार में कोहराम मचा दिया है। इस सीरीज की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लॉन्च के कुछ ही समय के भीतर इसकी 7.5 लाख से ज्यादा यूनिट्स बिक चुकी हैं। किसी भी प्रीमियम फ्लैगशिप स्मार्टफोन के लिए इतनी कम अवधि में यह बिक्री का आंकड़ा छूना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
हालांकि, इस रिकॉर्ड तोड़ बिक्री ने कंपनी के सामने एक नई मुसीबत भी खड़ी कर दी है। बाजार में मांग इतनी जबरदस्त है कि सप्लाई चेन पूरी तरह से पिछड़ गई है। स्थिति यह है कि कई ऑनलाइन और ऑफलाइन स्टोर्स पर मेट 80 सीरीज का स्टॉक खत्म हो चुका है और ग्राहकों को अब फोन खरीदने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक, सप्लाई में आ रही इस कमी के पीछे कई तकनीकी कारण हैं। हुआवेई बड़े पैमाने पर अपने इन-हाउस ‘किरिन’ चिपसेट का इस्तेमाल कर रहा है, जिसकी उत्पादन क्षमता फिलहाल सीमित है। इसके अलावा, फोन में इस्तेमाल होने वाले हाई-एंड कैमरा सेंसर और ओएलईडी (ह्ररुश्वष्ठ) डिस्प्ले की आपूर्ति भी भारी मांग के आगे कम पड़ रही है।
हुआवेई मेट 80 सीरीज की सफलता के पीछे इसके दमदार फीचर्स और कंपनी की स्वदेशी तकनीक को माना जा रहा है। मेट 80, मेट 80 प्रो और मेट 80 प्रो प्लस जैसे मॉडलों के साथ आई इस सीरीज को यूजर्स इसके पावरफुल प्रोसेसर, बेहतरीन कैमरा सिस्टम और प्रीमियम डिजाइन के लिए हाथों-हाथ ले रहे हैं। हुआवेई ने जिस तरह विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम करते हुए अपने खुद के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर ईको-सिस्टम को मजबूत किया है, उससे चीनी ग्राहकों का भरोसा ब्रांड पर और गहरा हुआ है। फिलहाल कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही है, क्योंकि खुद हुआवेई ने भी लॉन्च के वक्त इतनी बंपर डिमांड की उम्मीद नहीं की थी।
फोन ने मचाया तहलका, लॉन्च होते ही बिक गए 7.5 लाख फोन, डिमांड इतनी कि अब करना पड़ रहा लंबा इंतजार

